चाँद

रात की ठंड में
चाँद कैसे चल रहा है,
चाँद तो चाँद है
सितारों का यूँ टिमटिमाना
ठिठुरना लग रहा है।
ओढ़कर कर चादर
नीली आसमां की
सफर यह चल रहा है।

Related Articles

दुर्योधन कब मिट पाया:भाग-34

जो तुम चिर प्रतीक्षित  सहचर  मैं ये ज्ञात कराता हूँ, हर्ष  तुम्हे  होगा  निश्चय  ही प्रियकर  बात बताता हूँ। तुमसे  पहले तेरे शत्रु का शीश विच्छेदन कर धड़ से, कटे मुंड अर्पित करता…

प्यार अंधा होता है (Love Is Blind) सत्य पर आधारित Full Story

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ Anu Mehta’s Dairy About me परिचय (Introduction) नमस्‍कार दोस्‍तो, मेरा नाम अनु मेहता है। मैं…

Chalo der hi sahi

चलो देर से ही सही उसे समझ तो आया था आधी रात को खामोशी में खुले आसमान के निचे, चाँद सितारों की मौजूदगी में मेरे…

Responses

  1. “सितारों का यूँ टिमटिमाना ठिठुरना लग रहा है।”
    वाह चंद्रा जी सर्द रातों का बहुत ही ख़ूबसूरत चित्रण किया है आपने अपनी इन पंक्तियों में । बहुत सुंदर रचना

New Report

Close