6 Comments

  1. “सितारों का यूँ टिमटिमाना ठिठुरना लग रहा है।”
    वाह चंद्रा जी सर्द रातों का बहुत ही ख़ूबसूरत चित्रण किया है आपने अपनी इन पंक्तियों में । बहुत सुंदर रचना

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