8 Comments

  1. ”सच बताओ तुम क्या चाहते हो |”
    —— भारती जी आपकी यह कविता प्रेमाभिव्यक्ति से लद-कद है, मनोरम है। यह एक ऐसा गीत है जिसमें अर्थ ,गंभीरता एवं भावों का सम्प्रेषण इतना मनोहर एवं व भावमय है कि वह पाठक के सीधे दिल में उतर जाने में सक्षम है। यह एक प्रभावपूर्ण गीत है।

    1. हार्दिक आभार आपका पांडेय जी आपकी समीक्षा से बहुत ही प्रोत्साहित हूँ मगर मेरे गीत से बेहतर आपकी समीक्षा है |

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