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  1. मूसलाधार बारिश से जब,
    बर्बाद हुई फ़सल किसान की
    बदहाली मत पूछो उसकी,
    बहुत बुरी हालत है भगवन्,
    धरती-पुत्र महान की।
    ——– किसान के जीवन से जुड़ी बहुत खूबसूरत कविता है। कवि की लेखनी की क्षमता अदभुत है। कमाल की शब्दावली है, आम जीवन की भाषा है, सुरम्य लय है। बहुत खूब गीता जी। जय हो

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