6 Comments

  1. अपने नयनों में प्रणय के दीप बाले,
    मैं मिलूँगी तब भी तुम्हें बाहें पसारे!!
    ________बहुत ही कोमल भावनाओं के साथ और समर्पण का भाव लिए बहुत सुंदर कविता है सखी। उच्च स्तरीय लेखन

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