फूलों की महफ़िल

सब फूलों ने मिलकर,
महफ़िल एक सजाई।
किस की सबसे सुन्दर रंगत,
और किस की महक मन भायी।
बेला चमेली और मोगरा ने महक कर,
वेणी खूब सजाई।
गेंदा और गुलाब ने,
मन्दिर में धूम मचाई।
हरसिंगार के फूलों ने,
किया श्री हरि व हरि-प्रिया का श्रृंगार।
पुष्प पलाश के लाए सखि,
होली के उत्सव की बहार।।
____✍️गीता

Comments

8 responses to “फूलों की महफ़िल”

  1. Rajeev Ranjan Avatar
    Rajeev Ranjan

    लाजबाव बेमिसाल

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद राजीव जी 🙏

  2. फूलों की महफ़िल – शानदार

    1. Geeta kumari

      बहुत-बहुत धन्यवाद सर 🙏

      1. Geeta kumari

        Thanks Pragya

  3. Satish Pandey

    जीवन की रंगीनी से सरोबार बेहतरीन रचना। बहुत सुंदर प्रस्तुति

    1. Geeta kumari

      सुन्दर और प्रेरणा देती हुई समीक्षा हेतु हार्दिक धन्यवाद सतीश जी
      बहुत-बहुत आभार सर

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