5 Comments

  1. सारे व्यापार को तेरा आधार
    संबंधों में भी तुझसे ही है प्यार
    तुझमें ही सब और सबमें प्रकट तूं
    फिर भी सब में क्यूं भरा मैं मैं व तूं तूं
    —– वाह क्या बात है। बहुत सुंदर पंक्तियां। बहुत सुंदर भाव

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