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  1. नींद तू रात को
    सताना मत,
    ऐसे सपनों को तू
    दिखाना मत,
    टूट कर गम मुझे
    बहा जाये,
    दर्द ऐसा हो जो
    सहा जाये,
    बोल ऐसा हो
    जो मैं कह पाऊं,

    बड़ों का सम्मान करना सिखलाती हुई रचना

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