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  1. रंग-बिरंगी दुनिया है यह,
    रंग सभी दिखलाते हैं
    कुछ पक्के कुछ कच्चे रंग।
    यहां-वहां दिख ही जाते हैं।।
    ——– बहुत खूब, अति सुंदर रचना। भावों की गहराई बहुत शानदार है। सुन्दर भाषा सुन्दर शिल्प

    1. इस प्रेरक और उत्साहवर्धक समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद सतीश जी, अभिवादन सर

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