माँ बनने का सफ़र

माँ बनने के बाद बेटी होने का एहसास कितना ख़ास हो जाता है ये बस, एक माँ और बेटी ही जानते हैं। एक बेटी से माँ बनने का सफ़र कितना ख़ास होता है। कितना ख़ास है माँ बनने से जुड़ा हर एहसास……हर उम्र में, हर हाल में कभी गाइड करना , कभी फ्रेंड, तो कभी हिम्मत बन कर हमारे साथ खड़ी होती है माँ, हर दुःख-सुख में हमेशा साथ हमारा देती है उसके प्यार-दुलार, डांट -फटकार और चिंता को हम तब तक समझ नहीं पाते जब तक खुद उसकी जगह पर नहीं पहुंच जाएं |एक बेटी और बहन से मेरा एक पत्नी और बहु के साथ माँ बनने का मेरा सफ़र भी तय हो गया है।
20 May 1992 को मेरा जन्म हुआ था। तब मैं किसी की बेटी बन गए थी और 3 Jan 1995 को एक बड़ी बहन बन गई थी। कुछ साल बीत गए। मुझे अच्छे से पता है। मैंने एक अच्छी बेटी होने के साथ – साथ एक अच्छी बहन का कर्तव्य भी अच्छे से से निभाया है। मेरी पूरे परिवार ने मुझसे कभी कोई शिकयत नहीं कि जिससे उनको मेरे कारण कोई दुःख मिला हो। अच्छे – बुरे दिन तो सब के जीवन में आते है। हमारे जीवन मे भी आये थे, पर मेरी माँ का हाथ मेरे सिर पे था, तो शायद मेरा अविवाहित जीवन बहुत अच्छा बिता। मैं बहुत भाग्यशाली हूँ, मुझे मेरी माँ का हाथ मेरे सिर पे है।
29 January 2019 मैं अपनी नई जिंदगी में पहला कदम रखा मैंने देखा नई जगह, नया घर, नये लोग, नये रिश्ते आदि सब कुछ नया ही नया था। पहली बार एहसास हुआ माँ सच कहती हैं बेटियाँ पराया धन होती है।
अभी तक में नया सफर, नयी ज़िन्दगी को समझती एक नई जिम्मेदारी मेरे कंधो पे आ गई, इतनी जल्दी -२ सब कुछ हो रहा है। मुझे खुद को समझ आ रहा है, मैं खुश हूँ या नहीं। मै बहुत confused थी।
वैसे माँ बनने का अनुभव हर महिला के लिए खास होता है… (तीन–चार दिनों बाद)
मैं Office में सही feel नहीं कर रही थी, कुछ दिनों से मेरे पेट में मुझे हल्का -२ दर्द हो रहा था, पर मैं नज़रअंदाज़ सा कर रही थी मुझे लगा कि मैं खाने-पीने का ध्यान नहीं रख रही हूँ। लेकिन फिर मुझे लगा कि मैं प्रेगनेंट भी हो सकती हूँ। घर आते हुए मैंने प्रेगनेंसी किट खरीदी। जब मैंने प्रेगनेंसी की दो लाइन देखी तो मुझे बहुत रोना आया मैं बहुत सारा रोई, मैंने अपनी दोस्त Anjali को Phone call किया और उसको सारी बात बताई । उस दिन मेरा पूरा मूड खराब रहा और मेरे दिमाग में एक ही सवाल आ रहा था कि क्या मैं इस ज़िम्मेदारी को निभा पाऊंगी या नहीं ? बहुत सारे सवालो ने मेरे मन मे घर सा बना लिया।
सब से पहले ये गुड न्यूज़ मेरे भाई को पता लगी और मेरे भाई मुझे सही राह दी।
मेरे दिल में भावनाओं का सागर आ गया। मैंने ऐसा कभी भी महसूस नहीं किया था। मैंने ये बातअपनी माँ और दोस्त को बताई। पर मैं अपनी ये न्यूज़ सब से पहले अपने पति के साथ शेयर करना चाहती थी पर….
यह जानकार भी काफी खुशी हुई की लोग मेरी प्रेगनेंसी से कितने खुश थे। जब मैं अपने बच्चे की पहली तस्वीर देखने गई तो मेरे साथ मेरा भाई थे। यह एक अद्भुत अनुभव था!! स्कैन के दौरान मेरा बच्चा पेट में मॉडल की तरह पोज़ दे रहा था – कभी दाएँ, कभी बाएँ और कभी सामने से। मैं उसके छोटे पाँव, हाथ, सर, तीसरे महीने में देख पा रही थी। यह फीलिंग अविस्मरणीय है!!
मैं काफी खुशकिस्मत थी की मेरी प्रेगनेंसी का समय काफी अच्छा रहा, मुझे ना सुबह जी मिचलने की दिक्कत हुई नहीं कोई और समस्या। डॉक्टर ने बताया की मुझे Thyroid की समस्या है यह काफी कठिन समय था, जहां मुझे दिन में चैन नहीं मिलता था और रातों में नींद नहीं आती थी। मैंने बस बच्चे के सही होने की प्रार्थना की। मैंने अपने बच्चे को सही रखने के लिए इलाज़ और Test भी करवाए ।
प्रेगनेंसी में और फिर टैस्ट रिज़ल्ट अच्छे आए, और बच्चे को कोई Problems नहीं थी। जब मुझे पता लगा की समस्या का समाधान हो गया है तो मैं काफी खुश हूँ।
To be continued……….

Comments

6 responses to “माँ बनने का सफ़र”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. Anu Mehta

    All thank u 🙂 🙂 🙂

  3. मां बनने के सफर के दर्शन कराती रचना

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