जो दान भूखे को दे सकेगा

जो दान भूखे को दे सकेगा
असल में सच्चा धनी वही है,
जमा किया बस जमा किया तो
वो सच में कुछ भी धनी नहीं है।
कमाओ लाखों करोड़ों चाहे,
जरा सा उसमें से दान कर लो,
दया धरम ही है साथ जाता
ये सच की बातें हैं कान धर लो।

Comments

8 responses to “जो दान भूखे को दे सकेगा”

  1. वाह वाह बहुत बेहतरीन कविता

  2. वाह पाण्डेय जी

  3. Geeta kumari

    दया धरम ही है साथ जाता
    ये सच की बातें हैं कान धर लो।
    ___________दया धर्म और दान का महत्व समझाती हुई कवि सतीश जी की उत्कृष्ट रचना।लाजवाब प्रस्तुति

  4. बहुत सुंदर रचना

  5. बहुत श्रेष्ठ रचना

  6. जो दान भूखे को दे सकेगा
    असल में सच्चा धनी वही है,
    जमा किया बस जमा किया तो
    वो सच में कुछ भी धनी नहीं है।
    कमाओ लाखों करोड़ों चाहे,
    जरा सा उसमें से दान कर लो..
    सच है जब आवश्यकता परक इंसान को वस्तु ना देकर धनी को देना
    बेकार है

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