नासमझ:- ना समझ हैं हम
जवाब तो तुम्हारी
हर बात का है हमारे पास
पर हम तुम्हारी किसी बात
का जवाब देना जरूरी नही समझते..
ये मत समझना
ना समझ हैं हम और कुछ नहीं समझते
हम तो उनमें से हैं जो
अनकही बातों को भी सुन लेते हैं
तुम्हें क्या लगता है ?
हम तुम्हारी बात नहीं समझते !!!!
बहुत ही उच्चकोटि का लेखन है
आपकी लेखनी को प्रणाम है
ऐसे ही सावन को सजाते रहिए
Thank you very much
वाह
बहुत-बहुत धन्यवाद
Jay ho
बहुत-बहुत धन्यवाद आपका
कवि हो तो आप जैसा बहुत ही उत्तम लिखा है