3 Comments

  1. चखेंगे स्वाद जी तोड मेहनत का फल उगाकर
    कर सकते हो, बढ़ो बस ये अहसास जगाकर।
    ———- बहुत खूब, अति उत्तम रचना।

  2. अपनी कश्ती खुद ही चला कर
    दिखदो मंजिल को पास ले आकर
    नहीं कुछ भी ऐसा जो तेरे बस में नहीं हैं
    __________ उत्साह प्रदान करने वाली बहुत सुन्दर कविता, कवियित्री सुमन जी की अति उत्तम रचना,

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