झूठ की मिट्टी डालकर
दफनाया गया है
सत्य को
परंतु वह अभी भी जीवित है
मरा नहीं
देर से ही सही
भयानक रूप धारण कर
सामने आएगा एक दिन
वह एक दिन
ऎसी अंधेरी रात लाएगा
कि फिर कभी
सवेरा नहीं होगा
इसी अंधेरी रात में
गुम हो जाएंगे महल
और समाप्त हो जाएगी
दुनिया
सत्य मरता नहीं
Comments
5 responses to “सत्य मरता नहीं”
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Nice
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सत्यम शिवम सुंदरम की भावना से परिपूर्ण है आपकी रचना
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अतिसुंदर
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क्या बात है अति सुदर
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बहुत सुंदर प्रस्तुति
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