मातृत्व सुख
जीवन का सबसे अनमोल
उपहार है
जब नवजात शिशु
अपनी नन्हीं- नन्ही उंगलियों से
मां को स्पर्श करता है
ऐसा आभास होता है कि
गुलाब की सुंदर पंखुडियां
स्नेह से तन को
सहला रही हैं
अपनी नन्ही-सी आँखों में
वो ढेर सारे सपने सजाए होता है
माँ को अपने आगमन से
परिपूर्ण कर देता है
मां का हृदय वात्सल्य से भर जाता है।जब भी वह अपने
बच्चे को नजर भर के देख
लेती है ।
“मातृत्व सुख”

Comments
6 responses to ““मातृत्व सुख””
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‘वात्सल्यता’ का बहुत सुंदर वर्णन किया है आपने
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धन्यवाद
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बहुत ही सुन्दर भाव है
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धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ
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बहुत सुंदर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद
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