मातृ-पितृ दिवस (२५ जुलाई)

साया चाहूं मात-पिता का,
जीवन में हर पग पग पर,
देना खुशियां हे! परमेश्वर,
मात पिता का दामन भर।

करूं वंदना कर कमलों से,
रज को सजाऊं माथे पर,
मिलता आशीर्वाद स्नेह,
सज जाता फिर आंगन घर।

मां की ममता करुणा न्यारी,
सारे दुख हर लेती है,
अमृत की गागर बन जाती,
सत्य मार्ग दिखलाती है।

पापा ने कांधे पर बिठाकर,
जीवन का सार सिखाया है,
कभी ना डिगना कर्तव्यपथ से,
उंगली थाम आगे बढ़ाया कोटि

कोटि नमन अनुपम छवि को,
जो हर पल साथ निभाया है,

Comments

6 responses to “मातृ-पितृ दिवस (२५ जुलाई)”

  1. Rohit

    माता पिता पर अतिसुन्दर रचना

    1. समीक्षा हेतु आपका सादर आभार

  2. सुंदर काव्य सृजन

    1. सुंदर समीक्षा हेतु आपका सादर आभार सर🙏

  3. Rajeev Ranjan Avatar

    मिटती संवेदना को
    जीवन देती
    बहुत ही सुंदर कविता

    1. माता पिता के लिए सुन्दर  पंक्तियां

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