” है शत शत बार प्रणाम तुझे माँ ” जो शब्द था पहला बोला मैंने वो शब्द था पहला बोला “माँ” जो ऊँगली पहली थामी मैंने वो ऊँगली थी पहली तेरी “माँ” तेरे सीने लग […]
” है शत शत बार प्रणाम तुझे माँ ” जो शब्द था पहला बोला मैंने वो शब्द था पहला बोला “माँ” जो ऊँगली पहली थामी मैंने वो ऊँगली थी पहली तेरी “माँ” तेरे सीने लग […]
इंतज़ार ये नन्हा सा पौधा, जो फूट निकला है धरती की गोद से, कितना नाज़ुक है ये कितना सौम्य,कितना पवित्र, किसी नन्हे बच्चे की तरह आंखें खोलता,बंद करता अपने आस पड़ौस दूसरे पेड़ पौधों को […]
जय हिन्द साथियो पहचान क्यों अलग सी है सारे जहान में सब सोचते ऐसा है क्या हिन्दोस्तान में है सभ्यता की मूल ये हिन्दोस्तां मेरा कितनी मिठास मिलती हमारी ज़ुबान में हर रूप में हैं […]
आदाब जहाँ के वास्ते बेशक कोई वरदान है भारत फरिश्तों के लिए भी आरज़ू-अरमान है भारत यहीं जन्मी है दुनियाँ की पुरानी सभ्यता यारो सभी वेदों पुराणों का कोई सम्मान है भारत क़सीदा हो, रुबाई […]
आदाब जहाँ के वास्ते बेशक कोई वरदान है भारत फरिश्तों के लिए भी आरज़ू-अरमान है भारत यहीं जन्मी है दुनियाँ की पुरानी सभ्यता यारो सभी वेदों पुराणों का कोई सम्मान है भारत क़सीदा हो, रुबाई […]
जय हिन्द साथियो पहचान क्यों अलग सी है सारे जहान में सब सोचते ऐसा है क्या हिन्दोस्तान में है सभ्यता की मूल ये हिन्दोस्तां मेरा कितनी मिठास मिलती हमारी ज़ुबान में हर रूप में हैं […]
आदाब मुफ़लिसों को क्यों मिली है जिंदगी बारहा ये सोचती है जिंदगी ज़िंदगी जैसे मिली ख़ैरात में ऐसे उनको देखती है जिंदगी इस जहाँ में बुज़दिलों के वास्ते बस क़ज़ा है, तीरगी है ज़िन्दगी ख़ुदकुशी […]
ग़ज़ल दौलत नहीं, ये अपना संसार माँगती हैं ये बेटियाँ तो हमसे, बस प्यार माँगती हैं दरबार में ख़ुदा के जब भी की हैं दुआएँ, माँ बाप की ही खुशियाँ हर बार माँगती हैं माँ […]
आदाब सभी को मौत के डर ने ही ज़िंदा रक्खा है ख़ुदाया फिर भी ये इंसाँ इसी से डरता है हमारी साँस भी चलती उसी की मर्ज़ी से ही जहाँ में पत्ता भी उसकी रज़ा […]
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