Author: आर्यन सिंह कृष्णवंशी

  • रामराज्य का शंखनाद -( एक अद्भुत जीवन्त कविता )

    जिस दिन हिंदुत्व का परचम उस अम्बर पर लहराएगा
    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    जिस दिन बदला लिया जाएगा चन्दन की कुर्बानी का
    हर नारी में रूप दिखेगा झांसी वाली रानी का.
    रंग भंग हो जाएगा जब जयचंदो की मेहमानी का
    इस पल डंका बज जाएगा हिंदुत्व की अगवानी का.

    भारत का बच्चा बच्चा जिस दिन पुरुषार्थ दिखाएगा

    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    सत्ता के गलियारों में जब नहीं होंगे भ्रष्टाचारी
    संविधान से सजे प्रशासन लेकर सब जिम्मेदारी.
    रहें सजग सब नौकरपेशा जितने अफसर सरकारी
    रिश्वत का जब नाम मिटेगा फैलेगी ईमानदारी.

    बिना खौफ के न्यायालय जब अपना न्याय सुनाएगा

    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    जातिपात का भेद मिटे मानवता को अपना लो तुम
    लड़ना है तो लड़ो सत्य पर अपना धर्म बचा लो तुम.
    राम कृष्ण राणा प्रताप का वह स्वाभिमान दिखा दो तुम
    बिखर रहा है देश तुम्हारा अब अधिकार जमा लो तुम.

    धरती का रज रज कण कण जब भगवा युक्त दिखाएगा
    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    धर्म के ठेकेदार जहां पर नहीं पाखण्ड मचाएंगे
    अन्धविश्वास आडम्बर हिंसा अवगुण दूर भगाएंगे.
    रूढ़िवादी मानसिकता से जिस दिन आजादी पाएंगे
    हरजन जब हरिजन बनकर ईश्वर की कथा को गाएंगे.

    तो विष्णु का बुद्ध रूप फिर धरती पर प्रकटाएगा

    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    अभी देख लो जातिवाद का असर भयंकर बोल रहा
    इसीलिए ध्वज हिंदुत्व का कमजोरी में डोल रहा.
    हर मानव मानवता को ही तलवारों पर तौल रहा
    उन्हें खदेड़ो जो इस समाज में जहर जाती का घोल रहा.

    जब धरती का हर सनातनी मिलकर एकजुट हो पाएगा

    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    अंदर से कमजोर हुआ जो हिन्दू धर्म हमारा जो
    रक्तपात हो रहा बहुत अब कहां गया भाईचारा वो ?
    हम बैठे उन्हें मित्र समझ पर है हर दल हत्यारा वो
    जहां भी मिले अकेला हिन्दू मारा गया बेचारा वो .

    आने वाली पीढ़ी को सच्चा इतिहास सुनाएगा
    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    कहां खो गया जमीर तुम्हारा तुम्हे शर्म नहीं आती है
    आओ बचाओ पुत्र हमें भारत माता चिल्लाती है.
    संकट में है सत्य सनातन व्यथा साफ दिखलाती है
    फिर शूरों की संतानों क्यों नहीं हथियार उठाती हैं ?

    जब हिन्दू आगे बढ़कर दुश्मन का गर्व मिटाएगा
    उस दिन भारत की धरती पर श्री राम राज्य आ जाएगा ।।

    रचनाकार –
    नए भारत का उद्घोष करने वाले क्रांतिकारी , भागवताचार्य , हिन्दी रत्न , युवा नेतृत्व –
    आर्यपुत्र आर्यन जी महाराज
    फोन – 9720299285

  • सन् 1857 की महाक्रांति के योद्धा, हरियाणा के राजनायक राजा राव तुलाराम पर कविता –

    ( सभी कवि एवं पाठको को मेरा नमस्कार , आज 10 महीने बाद इस वेबसाइट पर आने का अवसर मिला है , एक वीरता पूर्ण कविता के साथ ) –

    धरा धरणि हिल गए निशाने गगन की ओट लगाए थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे

    रखकर जान हथेली पर दुश्मन पर भृकुटि चढ़ाए थे

    हरियाणा के क्रांति पुरोधा तुलाराम कहलाए थे।।

    ब्रिटिश हुकूमत का बुलंद इतिहास सिमटकर बंद हुआ.

    भारत मां के वीरों का फिर से उत्साह बुलंद हुआ.

    तुल रही वीरता शस्त्रों पर यमराज लोक आनंद हुआ.

    पट गई रक्त से धरणि जंग का महा क्षेत्र चौचंद हुआ.

    प्रबल हुआ इतिहास राजवंशों ने शस्त्र उठाए थे.

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !! रखकर जान 0!!

    4 मई सन् सत्तावन को नई क्रांति फिर लहराई

    उत्तर भारत से दहाड़ झांसी वाली रानी आई

    तात्या गुरु और गौस खान ने प्रबल वीरता दिखलाई

    चिंगारी जल उठी वहां और लहर क्रांति की दहकाई.

    था रोष भाव और जोश चढ़ा शंकर सम भृकुटि चढ़ाए थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !!

    पूर्वोत्तर की धुरी शत्रु सेना ने दबदबा बना लिया

    अंग्रेजों ने हरियाणा पर अपना परचम लगा दिया

    पता ना इनको चला यहाँ पर आकर मृत्यु को बुला लिया

    सोते हुए सिंह शावक को इन धूर्तों ने जगा दिया.

    मचल गये तब तुलाराम चढ़ गया क्रोध रिसिआए थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !! रखकर जान 0!!

    मातृभूमि का रक्षक भक्षक बन दुश्मन पर चढ़ आया

    कृष्ण वंश का अंश युद्ध में महाकाल बन लहराया

    कट कटकर गिर रहे फिरंगी रंग रक्त का गहराया

    पांच हजार अहीरों ने वहां पर अपना परचम लहराया.

    देश की खातिर मरे वहां वो भारतवीर कहाऐ थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !!

    16 नवम्बर सन् सत्तावन फिरंगियों ने वार किया

    बीस हजार अंग्रेज़ों ने कड़ा प्रपंच प्रहार किया

    चले राव गोपाल देव और युद्ध का भार संवार लिया

    नसीबपुर की युद्धभूमि पर दुश्मन का संहार किया.

    पहले मारे ब्रिटिश बाद में अपने प्राण गंवाऐ थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !! रखकर जान 0!!

    देख भयंकर वक्त नशा तब राष्ट्रभक्ति का छाया था

    जंग फतह करने के लिए फिर नया दांव अपनाया था

    अवसर पाकर निकल गए और भीषण घात कराया था

    तुलाराम का शौर्य देखकर लंदन भी दहलाया था.

    वीर अहीरों के आगे अंग्रेज़ सभी घबराऐ थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध आए में आए थे !!

    हरियाणा की आन बान श्री तुलाराम जी कहलाए

    राजतंत्र और न्याय नीति के महा पुरोधा बन आए

    स्वतंत्रता के महायुद्ध में धूर्त फिरंगी दहलाए

    भारत मां के शूरवीर इतिहास के पन्नों पर छाए.

    जिनकी शौर्य कथाओं पर कवियों ने कलम चलाऐ थे

    स्वतंत्रता के शूरवीर उस महायुद्ध में आए थे !! रखकर जान 0!!

    रचनाकार –
    आर्यपुत्र आर्यन जी महाराज
    ( भागवत कथावाचक व युवा नेतृत्व )

    Office number – 9720299285

  • कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन पर कविता

    कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन पर कविता

    आगाज हिन्दुत्व का
    6 दिसम्बर 2021 : आने वाला महान शौर्य दिवस
    कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन

    कृष्ण लला हम आएंगे अपना वचन निभाएंगे
    जहां पर जन्म हुआ माधव का मन्दिर वहीं बनाएंगे।।

    पहला पन्ना पूर्ण हो गया नगर अयोध्या धाम का
    चारों तरफ बजाया डंका रामचन्द्र के नाम का
    फुरसत में मत बैठो हिंदुओं वक्त नही आराम का
    अबकी बार बजेगा डंका यदुनन्दन घनश्याम का

    क्षीण पड़ी जो धर्म धरोहर फिर से उसे सजाएंगे
    जहां पर जन्म हुआ माधव का मन्दिर वहीं बनाएंगे।।

    जाग उठो हे वीर हिंदुओ अब भीषण हुंकार भरो
    सीने मे उत्साह रखो और हाथों मे हथियार धरो
    शंख बजाओ महाविजय का वीरों का आवाहन करो
    यही वक्त है सही वक्त है महासमर मे निकल चलो

    ताकत सत्य सनातन की हम दुनिया को दिखलाएंगे
    जहां पर जन्म हुआ माधव का मन्दिर वहीं बनाएंगे।।

    बहुत हुआ अपमान धर्म का नही सहन अब करना है
    कफन बांध लेंगे सिर पर अब गद्दारों से लड़ना है
    मोह त्यागकर सत्ता का अब धर्म की राह पकड़ना है
    फिर भरकर हुंकार साथियों कर्तव्य मार्ग पर अड़ना है

    दुश्मन के सीने पर चढ़कर हम भगवा ध्वज लहराएंगे
    जहां पर जन्म हुआ माधव का मन्दिर वहीं बनाएंगे।।

    प्रस्तुति –
    आर्यपुत्र आर्यन सिंह “कथावाचक व लेखक
    ( युवा प्रदेश प्रमुख कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति दल )
    Official- 9720299285

  • करवा चौथ पर भावनात्मक कविता

    ( इस बार आर्यपुत्र आर्यन सिंह ने किसी प्रेमिका को याद करते हुए और करवा पर्व की कल्पना को संजोकर इस कविता को लिखा होगा )

    कैसे कहें हम बात दिलों की हैं ये मोहब्बत की बातें
    दिन तो लगता रंग भरा पर काली घटा भरी रातें ।।

    चलो मिटा लो कलंक इश्क मे कह दो नही अकेला हूं
    कोई बसा है दिल के अंदर इम्तिहानो से खेला हूं।।

    वाह ! क्या निखरी चटक चांदनी अम्बर छटा निखार रहा.
    करवा चौथ मनाओ रे जल्दी चंदा तुम्हे पुकार रहा।।

    सब तो खड़े सुहागन जोड़े प्रेम अलौकिक बरस पड़ा
    प्रेम पुजारी भाव भरे यूं विहल हो रहा खड़ा- खड़ा।।

    मैं तो उसे चाहता दिल से मुझ सा इश्क कहाँ होगा ?
    क्या वो मेरे लिये हमसफर ? करवा अर्घ्य रहा होगा ।।

    मन्नत कर दो पूर्ण चंद्रमा प्रेम का कमल खिला दो तुम
    अब जल्दी से मेरे प्रिये से हे गणराज ! मिला दो तुम।।

    अगली करवा चौथ मैं निश्चय उनके साथ मनाऊंगा
    सत्य वचन है मेरा गजानन सच्चा साथ निभाऊंगा।।

    है ये पर्व सनातन का हाँ ! इसका ढंग निराला है
    जल्दी से चढ़ चलो छत पर चांद निकलने वाला है।।

    रचना – आर्यपुत्र आर्यन सिंह

  • वनवास की असहज यात्रा पर आर्यन ( गीत )

    अब आर्यपुत्र आर्यन सिंह का हृदय सांसारिक वस्तुओं से हटकर बैराग्य की तरफ आकर्षित होने लगा
    सो उन्होने विशुद्ध सरल भावनाओं को लेखनी के माध्यम से हम तक पहुंचाया –

    शून्य मार्ग पर चला पथिक बन वेश बनाकर वनबासी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    कर्मयोग से बिमुख रहा हूं तबसे ठोकर खाता रहा
    जहां भी गया मिली नाकामी हर कोई ठुकराता रहा

    शायद मैं अनजान रहा ये मंजिल किसकी अभिलाषी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    भटक भटक कर अटक गया जब कहीं किनारा मिला नही
    डूब रहा मंझधार मध्य पर कहीं सहारा मिला नही
    बस पत्थर सा दीप्तिमान ये लगता था मथुरा काशी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    हारा थका मुसाफिर मन से तन भी सारा थकित हुआ
    फिर जब किया एकान्त मनन तो हृदय हमारा चकित हुआ
    जान गया मेरी शुद्ध आत्मा परम तत्व की है प्यासी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    जहाँ शान्ति सौंदर्य ब्रह्म का उसी ओर चल पड़ा हूं मैं
    कर्मयोग परब्रह्म खोज मे तपोमार्ग पर खड़ा हूं मैं

    सुत ‘आर्यन’ को शरण मे लो प्रभु हे गुरूजन हे घटवासी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    जहाँ मिलेगा अगम मार्ग सब कार्य सहज हो जाएगा
    फिर क्या सहज रहे जग मे जब जगतपिता को पाएगा

    यही धर्म है यही कर्म है यही क्षेत्र है सुखरासी
    जीवन का उद्देश्य निभाने चला अकेला सन्यासी ।।

    भागवत कथावाचक व लेखक आर्यपुत्र आर्यन जी की पुस्तक से उद्घृत।

  • छूटे सभी सहारे

    छूटे सभी सहारे

    मेरे जीवन की एक वक्त के सत्य घटना को साझा करता ये गीत –

    सहारे अब सभी छूटे ना कोई काम आया है
    पकड़कर प्रभु तेरा दामन तुझे अपना बनाया है।।

    भरोसा दोस्तों पर था यकीनन काम आयेंगे
    मगर जब थी जरुरत तब हमें सबने भुलाया है।।

    देखकर दौर मुश्किल का कलेजा कंप गया मेरा
    मदद मांगी मैने सबसे मगर कुछ ना पाया है।।

    भूलकर स्वप्न सी दुनिया हकीकत में मुसीबत थी
    अचानक वक्त ने हमको मुकद्दर तक सताया है ।।

    लौटकर इस जमाने से तेरे आंचल मे आया हूं
    आज आर्यन ने ह्रदय का राज सारा बताया है ।।

    आर्यन सिंह यादव

  • कृष्ण जन्म पर आर्यन का गीत

    दोहा –
    आनन्द मगन गदगद बदन कृष्ण भाव के रंग
    जामे रंगीले सब स्वजन बाजत ढोल मृदंग।।

    भजन –

    गोकुल में जन्मे साँवरिया ।।03।।

    सांवरिया रे सांवरिया ओ सांवरिया
    जेलन मे जन्मे सांवरिया ।। गोकुल मे ।।

    मोर मुकुट सिर ऊपर साजे
    पीतांबर सब तन पर राजे

    ओ ओढ़े काली कांवरिया ।।गोकुल मे ।।

    आगंन बीच डाल दओ पलना
    जापे मस्त झूल रहो ललना

    हो झूम रही ब्रज नागरिया ।।गोकुल मे ।।

    आओ जन्माष्टमी मनाएं
    चलके मनमोहन को रिझाएं

    ओ लैके माखन की गागरिया ।।गोकुल मे।।

    सांवरिया रे सांवरिया ओ सांवरिया
    जेलन मे जन्मे सांवरिया ।। गोकुल मे ।।

    गीतकार-
    आर्यपुत्र आर्यन जी महाराज
    भागवत कथावाचक व गायक
    9720299285

  • फंसी है जिन्दगी कैसी

    अपनी जिन्दगी के बिषम हालात के वक्त का वर्णन करते हुए आर्यन ने लिखा ये गीत –

    फसी है जिन्दगी कैसी मुकद्दर के किनारों मे
    छुपी है रंग ए रौनक वक्त के बन्द द्वारों मे।।

    कयामत आज दिखती है जहाँ जाती नजर मेरी
    भाव नफरत का लिपटा है शस्त्र की तेज धारों मे।।

    ना सोचा था कभी हमने आज वो कष्ट झेले हैं
    सहारा कौन दे हमको फसे हम बेसहारों मे।।

    मुसीबत भी भयंकर सी दोस्त भी सब मतलबी हैं
    जहर की गन्ध आती है हमें फूलों के हारों मे।।

    खड़ा उम्मीद मे आर्यन मेरा कब वक्त बदलेगा
    दिखेगा दौर खुशियों का ये कब उड़ती बहारों मे।।

    आर्यपुत्र आर्यन सिंह
    ( भागवत प्रवक्ता व कवि )
    9720299285

  • इश्क का चक्रव्यूह * आर्यन

    आर्यन सिंह के मोहब्बत के रास्ते मे इम्तिहानो का सिलसिला दर्शाती ये नई कविता “-

    फंसा इश्क के चक्रव्यूह मे मिलता ठौर नही है
    सभी विरोधी हुए आज कोई मेरी ओर नही है

    नही किसी को दोष यहां मैं खुद ही गुनाहगार हूँ
    प्यार जताने चला बना नफरत का शिलाधार हूँ

    फलते फूलते उध्यानों की धीमी पड़ी बहार हूं
    सब दर्दों को छुपा लिया क्या उम्दा कलाकार हूं

    गम के अंधकार मे क्या नवउदिता भोर नही है
    सारे विरोधी हुए आज कोई मेरी ओर नही है !!

    इश्क बहुत बेरहम हुआ दिल तंग हुआ अजमाने में
    उनमे भरा गुमान बहुत ये पता चला अफसाने में

    इतना भी कमजोर नही कि डर जाऊं प्यार जताने में
    अब मैं किससे डरूं हूँ पहले ही बदनाम जमाने में

    साबित क्यों कर रहे अमन इज्जत का दौर नही है
    सारे विरोधी हुए आज कोई मेरी ओर नही है !!

    मजबूरी मे फंसा समझ कुछ आता नही है मन में
    दर्द भरा है सीने मे और कंप पड़ गया तन में

    किस मोड़ पे खड़ी जिन्दगी मेरी वक्त बड़ा उलझन में
    इम्तिहान पर इम्तिहान मिल रहा हमें क्षण क्षण में

    थाम रखा है कहर अभी गर्दिश का शोर नही है
    सारे विरोधी हुए आज कोई मेरी ओर नही है !!

    रचनाकार-
    *आर्यन सिंह यादव*
    ( आधुनिक रचनाकार )

  • आर्यन के जीवन की एक यादगार घटना *

    *आर्यन सिंह ” शनि भैया ” के जीवन की एक खास घटना * जब वह अपने प्रिय वेदांताचार्य स्वामी आधार चैतन्य से मिले .*

    आर्यन के बचपन की वो घटना जब वे 12 साल की उम्र मे किसी उम्दा ब्यक्ति स्वामी आधार चैतन्य को गुरु बनाने की चाह मे उनके पास गये थे मगर स्वामी आधार चैतन्य ने उनको बच्चा बोलकर ठुकरा दिया था…
    उस वक्त की घटना को जाने माने हिन्दी के अनोखे रचनाकार आर्यन सिंह ने कविता मे प्रस्तुत किया है –

    कविता –

    ये घटना मेरे जीवन की मै सबको आज बताऊंगा
    वो मुलाकात वो खास बात उसकी दास्तान
    सुनाऊंगा ।।

    घटना है ये सन 14 की मै 13 साल का बच्चा था
    वेदांत मे मुझको शौक बढ़ा पर मन बुद्धि का कच्चा
    था.

    संगीत मे बसती जान मेरी हल्का सा कलाकार था मैं
    भागवत मंच का शास्त्री बना पर मन से निराधार था
    मैं.

    माँ सरस्वती की कृपा हुयी लोगों ने खूब पसंद किया
    अब ऊंची मंजिल पाना है हमने भी मन मे ठान लिया.

    सोचा अब ऐसा गुरु मिले जो गायक हो और ज्ञानी हो
    जिसके नाम का तहलका हो और सुंदर जिसकी वाणी हो.

    तब स्वामी आधार चैतन्य जी का रुतबा हर जगह निराला था
    संगीत कथा के महारसिक जनता पर जादू डाला था.

    मन मे सोचा ना विचार किया अब इनको गुरु बनाऊंगा
    ये घटना मेरे जीवन की उसकी दास्तान सुनाऊंगा ।।

    है जगह एक जसवंतनगर वहां पर स्वामी जी आये थे
    चल रही थी उनकी कथा वहां बनकर के कन्हैया छाये थे.

    मै भी पंहुचा पापा के संग मौसा जी ने मिलवाया था
    था प्रथम बार का मिलन मेरा गुरुदेव का दरशन पाया था.

    जब चरण छुए स्वामी जी के तब उनने आशीर्वाद दिया
    गदगद तन खड़ा था डरा हुआ मैने सहर्ष स्वीकार किया.

    मैने करबद्ध निवेदन कर सब दिल का हाल बताया था
    मुझको भी शिष्य बना लो आप स्पष्ट भाव दर्शाया था.

    कुछ मिनट हुये वो शान्त रहे बोले थोड़ा धैर्य धरो
    पुछा कुछ हालचाल मेरा फिर बोले तुम एक काम
    करो.

    एक भजन सुनाओ अच्छा सा सुनने की तलफ हमारी है
    मैं तब समझू इस दुनिया मे कितनी तेरी तैयारी है ?

    मै बोला गर हारमोनियम दो तो कुछ अच्छा गा पाऊंगा

    ये घटना मेरे जीवन की मै सबको आज बताऊंगा ।।

    आखिर फिर बिना बाजा के ही मैं गीत सुनाने लगा वहां
    सबने तालियां बजाई खूब शायद अच्छा वो भजन रहा.

    अब बारी थी स्वामी जी की जब बोले मानों कहर गिरा
    इन्कार कर दिया जब उनने तब मानो दिल पर जहर गिरा.

    बो बोले अभी तू बच्चा है पहले ग्रेजुएसन पूर्ण करो
    स्कूल और कॉलेजों की पहले शिक्षा सम्पूर्ण करो.

    फिर युवाकाल मे आना तुम मैं तुमको शिष्य बनाऊंगा
    वो मुलाकात वो खास बात उसकी दास्तान
    सुनाऊंगा ।।

    पर अभी इस समय बात मान घर जाकर अध्ययन मनन करो
    बस निर्णय यही हमारा है मत इस बचपन का दमन करो.

    क्या करता अब कुछ कह ना सका घर लौट चला मुरझाया सा
    जिनको मै महान मानता हूँ उनने मुझको ठुकराया
    था.

    कुछ क्रोध बढ़ा कुछ रोष हुआ स्वामी जी पर आक्रोश हुआ
    कुछ समय तसल्ली नही मिली फिर अन्त मे मुझको होश हुआ.

    अब मस्त हूँ अपने रूतबे मे ईश्वर सब अच्छा करता है
    जिन्दा है हमारा स्वाभिमान ना हृदय किसी से डरता
    है.
    कहता है आर्यन ये घटना ना भूल कभी भी पाऊंगा
    उनने ठुकराया था बेशक पर मैं ना उन्हे
    ठुकराऊंगा ।।

    संग्रहित —

    पॉपुलर टीबी आर्टिस्ट एन्ड रचनाकार

    आर्यपुत्र आर्यन सिंह कृष्णवंशी

    official WhatsApp – 9720299285

  • इम्तिहान ए मोहब्बत * आर्यन सिंह

    नायक अपनी नायिका के प्यार मे पड़ा हुआ कुछ पक्तियों के माध्यम से अपने इम्तिहान ए मोहब्बत की सच्ची दास्तान बताता है –

    सोचता हूँ कि कहूँ ना कहूँ दास्तान ए मोहब्बत की कुछ बुरा मानेंगे तो कुछ साजिशें भी होगी ।

    इश्क के इस सफर में कितनी कयामत है कुछ विरोध होगा तो कुछ सिफारिशें भी होंगी ।।

    वक्त लजीज है कितनी अजीब है ये दुनिया
    सहारा देती नही सितम करने लगती है
    मेरे इश्क की मीनार समाज का भय पाकर बिखरने लगती है.

    हालाँकि कुछ नया नही है इम्तिहान जिन्दगी मे
    फिर भी ये जंग भयंकर है
    इधर किरदार है आशिक का मगर विछुड़ने का डर है.

    आज फिर सैलाब आ रहा है मोहब्बत के समुन्दर मे
    कोई कश्ती ला रहा है कोई डुबाना चाहता है
    किसी से मुलाकात तक नहीँ होती कोई गले लगाना चाहता है.

    लाचार सा निशून्य मैं मंझधार मे अटक गया हूँ
    ना जाने क्यों बेवजह इश्क की राह पर भटक
    गया हूँ.

    अब आंधिया थमेगी नहीं चाहें ववंडर क्यों ना मच जाए
    आर्यन के इतिहास मे नया पृष्ठ ही क्यो ना रच जाए.

    फिर कहूंगा तो बस हार मानूँगा नहीँ
    हमसफर पाकर चैन लूंगा पर युद्घ ठानूगा नही.

    कुदरत फितरत हकीकत क्या करेगी ये जानना बाकी है
    मोहब्बत सच मे विचित्र होती है ये मानना बाकी है ।।

    रचना-
    आर्यन सिंह यादव
    ( लोकप्रिय रचनाकार टीबी आर्टिस्ट )

  • Praposing poem for my love ” Aryaan

    When Aryan was really in love with a Rashmi yadav named girl at the moment, yet he was not able to send the message of love to that girl at that time, he wrote this poem ~

    Unseen dreams of love are in the eyes

    Those dreams are also scattered in broken hope !!

    We got caught in the pleasant weather in front of us

    Why are you laughing after seeing me with humility

    Love is no battle, I stand fearless Leo

    Lose or win, neither grief nor grief nor sorrow in the game.

    Some people are holding the pulse of hate in their minds

    Those dreams are also scattered an broken hope !!

    There is enough excessive anxiety and worry loss.

    The words stopped on the lips and I am helpless

    Breaking the dignity of sentiments busy mind stream

    Seeing his thoughts, I am not tight on me

    Extreme moments of the past are still intact

    Those dreams are also scattered in broken hope !!

    Life is not available till the day

    How did you feel with my heart

    Thousands of enemies have spread the noise

    I will not leave you till that period of endearment.

    Where can I show the fury that relationship holds us

    Those dreams are also scattered in broken hope !!

    Nowadays the changing trend of human in this era

    People do evil now because of God

    Breaking rituals Nawaji is demolished

    Why was there respect for religion everywhere?

    Aryan “Today we have come out of the path of truth.

    Those dreams are also scattered in broken hope !!

    Polular Creater poetry
    ARYAN SINGH YADAV

    Official number – 9720299285

  • आर्यन के प्यार की कहानी

    नायक ने शब्दों के माध्यम से अपने दिल के इश्क़ युक्त जज्बातों को जाहिर किया है ( नायक जिससे प्यार करता है उन * रश्मि ” संगीत की मूर्ति नायिका को समर्पित *

    दिल की बातें तुम्हे अब बताऊंगा मै उनसे नफरत सी होने लगी आज फिर !

    प्यार रिश्ता था जो मैं निभाता रहा
    दर्द सहता हुआ मुस्कुराता रहा
    उन गुनाहों पर परदा गिराता रहा
    जानकर अपना दिल से लगाता रहा

    की नजाकत यहाँ थी शराफत कहाँ मेरी आँखे भी रोने लगी आज फिर !! दिल की बातें०!!

    जिससे है प्यार उसको बताया नही
    दिल के जज्बातों को भी जताया नही
    कहना है बहुत कुछ पर सुनाया नही
    उल्टा षड्यंत्र फिर भी बनाया नही

    आज हैरान हूँ कुछ परेशान हूँ आँख पलके भिगोने लगी आज फिर !! दिल की बातें०!!

    ये जमाना नही साथ देता कभी
    वक़्त पड़ता है तब भूल जाते सभी
    आजमाया है हमने अभी के अभी
    हो गए हम अकेले जहाँ मे तभी

    जब भरोसा किया और सहारा लिया बीज नफरत के बोने लगी आज फिर !!दिल की बातें०!!

    संकलित –
    आर्यन कृष्णवंशी ” शनि ”

  • पैगाम ए मोहब्बत ” आर्यन सिंह

    आर्यन सिंह की रचना से कुछ चुनिंदा शायरी एंड पक्तियाँ निकाली है जिनसे साफ पता चलता है कि आर्यन का दिल इश्क के समुंदर मे हिलोरें ले रहा है
    ना जाने कौन हैं आर्यन की सच्चे इश्क़ की प्रतिमा वह लड़की ( रश्मि यादव, जो कि संगीत कलाकार हैं ) जिसके लिए आर्यन ने कविता के जरिये पैग़ाम किया है !

    1.
    मोहब्बत है हमे जिससे ख्यालों का समुंदर है
    नही मालूम तक उसको यहाँ उसका सिकंदर है
    ये रिश्ता कब हकीकत मे हमे आशिक बनायेगा
    मैं हूं अपने हुसूलों पर वो मर्यादा के अंदर है

    2.

    अभी तो ख्वाब लगता है इश्क के पल सजाने मे
    अभी डर सा सताता है किसी को सच बताने में
    समझ आता नही कैसे करूँ इजहार सपनो को
    बंदिशें घेर लेती हैं कि उसके पास जाने मे .

    3.

    लहर आई समुंदर में ज्वार हिलने नही देता
    सूर्य का ताप कीचड़ मे कमल खिलने नही देता
    वही हालात दिखते हैं मोहब्बत की ये दुनिया मे
    कोई दुश्मन मुझे उनसे अभी मिलने नही देता

    4.

    है ताकत प्यार की मुझमे मोहब्बत रंग लाएगी
    कोई ब्रह्मांड की ताकत ना हमको रोक पाएगी
    जिस्म के मोह से हटकर प्यार का भाव रखता हूं
    लफंगो की होशियारी हमें क्या आजमाएगी
    5.
    नशा करके मोहब्बत का मैं फिर से आज पछताया
    ढूंढकर थक गया जानी मगर तुझको नही पाया
    भाव नफरत का ठुकराकर तुम्हे अपना बनाया था
    बन गए अजनबी फिर हम इश्क इस मोड़ पर लाया

    6.
    अगर मुझको मिल जाए पैगाम तेरा तो सारी किताबें यहीं छोड़ दूंगा
    मैं दिल से लगाकर पढूंगा तुम्हारा रिश्ता भी सब लोगों से तोड़ दूंगा

    7.
    शरारत भरे जिस्म पर क्यों गुरूर करती है
    ये नजाकत ही तुझे मुझसे दूर करती है
    पछताओगी मुझे छोड़ कर ओ परियों की रानी
    क्योंकि बार बार तू वही एक कसूर करती है

    8.
    खामियां थमती नही मोहब्बत के उस दौर में
    मैं एक इम्तिहान को अंजाम देता हूँ तो नया इम्तिहान तशरीफ लाता है

    9.
    अजीब सी चहल ही इस शहर में जिस रास्ते से होकर निकलता हूँ मोहब्बत के परिंदे नज़र आते हैं.

    10.
    अजीब दास्तान हैं तेरे इश्क की ए आर्यन, इम्तिहानों से टकराकर निकला है मोहब्बत को पाने के लिए.

    संकलन –
    आर्यन सिंह यादव
    ( प्रसिद्ध लेखक & टीबी आर्टिस्ट )
    Official number –
    9720299285

  • आर्यन कृष्णवंशी का शायरी संग्रह

    1.
    जमाने की नजरों मे काफिर हैं हम
    क्योंकि मोहब्बत की मंज़िल के मुसाफिर हैं हम

    2.
    आने दो गर्मी तो पहाड़ पिघल जाएंगे
    चट्टानों को तोड़कर समुंदर निकल जाएंगे
    लड़कपन है नौजवानी है अभी कर लेने दो मस्ती
    कँधों पर भार आएगा तो खुद संभल जाएंगे

    3.
    आज मैं सोच रहा हूं कि आशिकी इतनी अजीब क्यों है ?
    जिससे मिलना असंभव लगता है वही दिल के करीब क्यों है !

    4.
    भगवान भी सब कुछ जान लेता है …
    समय तो बख्शता ही नही कठिन से कठिन इम्तिहान लेता है
    संघर्ष के इस दौर मे सफल वही होता है, जो सच के आइनें मे झूठ को पहचान लेता है

    5.
    मंजिल कठिन है तो क्या हुआ ? हम कौन सा कमजोर हैं ” चलते जाएंगे
    निकले हैं घर से तो कुछ करके दिखाएंगे …..
    वरना ऊंचा मुकाम पाने वालों का अंजाम है यही
    हम होंगे गुमनाम लोग कहानियाँ सुनाएंगे !

    6.
    आएं हैं तो दो चार दिन रुककर जाएंगे
    खायेंगे पियेंगे पब मे मस्ती उड़ाएंगे
    रात करेंगे रंगीन मोहब्बत के आशियाने मे
    छूट जायेंगी दिल की कुछ बातें तो कल फोन पर बताएंगे !

    7.
    आज फिर थोड़ा सा बैचेन हूँ कुछ अजीब सा लग रहा है
    प्यार है या नफरत ” बड़ा करीब सा लग रहा है !

    8.
    काफी मुद्दतों के बाद पसंद आई हो तुम
    इसलिये सपनों मे सजा रखा है
    कोई छीन ना ले जाये अब तुम्हे मुझसे
    इसलिये दिल मे छुपा रखा है !

    9.
    थोड़ा शरारती हूँ तो क्या हुआ करजदार तो नही हूं

    चालाकी से बेवफ़ाई करूँ इतना समझदार तो नही हूं

    10.
    जज्बात नही दिखते शायद काफी फांसला आ गया है
    अजीब सी महक आ रही है इस शहर मे…
    लगता है कोई दिलजला आ गया है !

    शायर ~
    आर्यपुत्र आर्यन कृष्णवंशी ” शनि ”
    ( टीबी आर्टिस्ट मॉडल एंड राइटर )
    Official Co – 9720299285

  • प्यार के अनदेखे सपने * मोहब्बत पर कविता

    जब आर्यन को फिलहाल मे किसी लड़की से सच्चा प्यार हुआ मगर अभी तक वे उस लड़की के सामने प्यार का पैगाम नही भेज पा रहे थे तब उनके दिल की प्रबल भावनाएं इस सुंदर कविता के द्वारा बाहर आयीं *
    प्रस्तुत है कविता *

    प्यार के अनदेखे सपने आँखों मे निखरे हुए हैं

    टूटती आशाओं मे वो ख्वाब भी बिखरे हुए हैं !!

    सामने मौसम सुहाना पतझड़ों में फंस गए हम

    दीन से हालात मेरे देखकर क्यों हंस रहे तुम

    प्यार है कोई रण नहीं निर्भय खड़ा हूँ सिंह सम

    हारूँ या जीतू खेल में ना शोक सुख ना दुख ना गम.

    कुछ जनों के मन में नफरत की नब्ज पकड़े हुए हैं

    टूटती आशाओं मे वो ख्वाब भी बिखरे हुए हैं !!

    ब्याप्त है अति ग्लानि चिन्ता हानि है संकोच बस

    शब्द अधरों पर थम गए ठहरा हूं होकर विवश

    तोड़कर भावों की गरिमा व्यस्त मन धारा सरस

    वे खयाली देखकर नादाँ ना मुझ पर तंज कस.

    अतीत के अत्यंत पल आज भी अखरे हुए हैं

    टूटती आशाओं मे वो ख्वाब भी बिखरे हुए हैं !!

    जिन्दगी के ब्यस्त बानें ना मिला है ठौर तक

    चाहता दिल संग कैसा आ गया उस ओर तक

    हैं हजारों शत्रु देखो फैला दिया है शोर तक

    साथ ना छोडूंगा प्यारी प्राप्ति के उस दौर तक.

    कहाँ दिखाऊं रोष वो रिश्ते हमे जकड़े हुए हैं

    टूटती आशाओं मे वो ख्वाब भी बिखरे हुए हैं !!

    आजकल बदली प्रवृत्ति इस दौर में इंसान की

    लोग अब करते बुराई ए इसलिये भगवान की

    तोड़ती रश्में नवाजीं ध्वस्त है मेहमान की

    हर जगह बाजी लगी क्यों धर्म के सम्मान की.

    आर्यन ” बनकर पथिक सच के आज हम निकले हुए हैं.

    टूटती आशाओं मे वो ख्वाब भी बिखरे हुए हैं !!

    प्रस्तुति ~
    ख्याति प्राप्त लेखक कवि
    आर्यपुत्र आर्यन सिंह यादव .
    Official number – 9720299285

  • बॉलीवुड के कुकृत्यो के खिलाफ आर्यन की ललकार

    ( वेब सीरीज तांडव के खिलाफ एक ललकार )
    बॉलीवुड के जो भड़वे कलाकारी के नाम पर देश धर्म और संस्कृति को निशाना बनाकर देवी देवताओं पर व्यंग बनाने का भीषण अपराध कर रहे हैं उनके इन
    कुकृत्यों का विरोध करते हुए कवि ने स्पष्ट कहने का साहस करते हुए उन भड़वों को संदेश दिया है —

    हम सहज हैं हम सहिष्णु हैं हम चाहते हैं शांति को
    इंसानियत की वजह से हम रोकते हैं क्रांति को

    तुम ले रहे हो आज फिर खामोशियों का फायदा
    उल्लंघन किया कानून का और तोड़कर सब कायदा

    कर ली है तुमने खूब मनमानी यहां इस देश में
    साबित हुआ होगी तुम गिद्ध हो उस हंस जैसे वेश में

    लेकिन ना अब बर्दाश्त है निज देश की अवहेलना
    हिंन्दू धर्म के नाम पर वो व्यंग वाणी झेलना

    गर अब किया विपरीत कुछ होगा गलत परिणाम तो
    मिट जाएगी हस्ती तेरी पाओगे ये अनजाम तो

    तांडव बनाकर कर रहे बदनाम तुम्हें हिंदुत्व को
    दे रहे चुनौती मूर्खों भगवान के अस्तित्व को

    आ रहा मजा तुमको अभी प्रहार कर मम धर्म पर
    लज्जा तुम्हें आती नहीं इन नीचता के कर्म पर

    समझा रहा हूं मैं तुम्हें आदत अगर सुधरी नहीं
    मिट जाएगा यह बॉलीवुड ना नाम फिर होगा कहीं

    तांडव करेंगे महादेव जब हलचल अधिक मच जाएगी
    मिट जाएगी इस्लामियत शैतानियां ना आएंगी

    औकात ना भूलो कभी एहसान मानो देश का
    मौका दिया रहने का तुमको वंश के परिवेश का

    वरना बिखर जाओगे तुम हस्ती नजर ना आयेगी
    हमला हुआ हिंदुत्व पर तो ज्वालामुखी फट जायेगी

    तैमूर के अब्बू अली तू बच नही फिर पायेगा
    आर्यन ‘ का ये पैग़ाम भगवा हर समय लहरायेगा !!

    कवि –
    भगवाधारी विशुद्ध सनातनी हिंन्दू
    आर्यन सिंह कृष्णवंशी

  • आर्यन सिंह की बेस्ट शायरी

    1.
    हम जमाने से बेहद सताए हुए हैं
    मगर अपनी इज्जत बचाए हुए हैं
    मार डालेगा दुश्मन जमाना तेरा
    इसलिए तुझको दिल में छुपाए हुए हैं
    भले जुल्म कर ले ये सारा जमाना
    मगर फिर भी हम दिल लगाए हुए हैं

    2.
    सच बता दो मुझे आप आओगे कब
    टूटे रिश्तों को फिर से निभाओगे कब
    हैं खयालात दिल में छुपाए बहुत
    वो हकीकत कहानी सुनाओगे कब
    पूछता हूँ बता दो जरा सच मुझे
    फिर से रंगीन रातें मनाओगे कब

    3.
    मैं सागर की गहराई हूं तुम नहीं किनारा पाओगे
    मैं दहकता हुआ अंगारा हूं तुम छूने पर जल जाओगे
    मैं हूं अनन्त मैं हूं अथाह है मुझे समझना नामुमकिन
    है आसमान मेरा मुकाम तुम कब तक पीछे आओगे

    4.
    अब ना हमें आजमाना कभी
    ना निगाहें किसी से लडाना कभी
    तेरे होंठो से शबनम की आहट मिले
    ऐसी रश्क़ ए कमर ना हिलाना कभी
    अपने नाजुक बदन को संभालो जरा
    मुझ कमीनों से दिल ना लगाना कभी

    5.
    ये ना पूछो कि अब हम किधर जाएंगे
    छोड़ देंगे नवाबी सुधर जाएंगे
    इस जमाने में इज्जत गवाई अगर
    जिंदा रहते हुए भी बिखर जाएंगे
    मैं रहूं ना रहूं पर कसम है मुझे
    कि अमर नाम दुनिया में कर जाएंगे

    6.
    है सौगंध मुझको झुकूंगा नहीं
    अपने कर्तव्य पथ पर रुकूँगा नहीं
    गर मुकम्मल मेरा दूर मुझसे हुआ
    माफ खुद को कभी कर सकूंगा नहीं
    जब तक मंजिल ना पा लूंगा एक जिंदगी
    है कसम कि मैं तब तक थकूंगा नहीं

    7.
    इश्क़ के ख्वाब अब ना सजाया करो
    झूठी तारीफ अब ना सुनाया करो
    जिनके सपनों में झूठे सजीदे हुए
    उनको हृदय से अब ना लगाया करो
    रह गई वो मचलती जवानी कहाँ
    अब मोहब्बत की गजलें ना गाया करो

    8.
    कभी मशहूर मेरी जवानी रही
    प्यार में डूबती वो कहानी रही
    आज बेशक है तन्हा मेरी जिंदगी
    पर कभी इश्क़ की एक निशानी रही
    आ गया अब बुढ़ापा तो क्या हो गया
    कभी लैला भी मेरी दिवानी रही

    9.
    मैं जंग हूं मैं जीत हूं
    बहता हुआ एक गीत हूं
    मैं राग हूँ अनुराग हूं
    अनुरक्त व वैराग्य हूं
    मैं आन हूं मैं शान हूं
    इस देश का अभिमान हूं
    हिन्दुत्व का हूं अंश मैं
    और कृष्ण की संतान हूं

    10.
    संघर्ष थम गया है बस मुकाम बाकी है
    इतिहास के पन्नों पर अभी नाम बाकी है
    मनाएंगे जश्न मुकम्मल ए फतह का…
    मगर अभी रुक जाओ ”
    और थोड़ा सा काम बाकी है

  • आर्यन सिंह अहीर की शेर ओ शायरी

    1.
    जो कल था वही आज हूं
    थोड़ा खफा हूं थोड़ा नाराज हूं
    2.
    जिस दिन किस्मत के सितारे बदल जायेंगे
    देखते ही देखते नजारे बदल जाएंगे
    नाव क्या चीज है खरीद लेंगे समुंदर
    बस थोड़ा सा रिस्क है किनारे बदल जायेंगे
    3.
    निकले हैं घर से तो मंजिल जरूर पाऊंगा
    कसम खाई है वो करके दिखाऊंगा
    4.
    झूठी शान का परिंदा ज्यादा फड़फड़ाता है
    जिसमें जान होती है ना वह कहता नहीं करके दिखाता है
    5.
    हम कहते नहीं करके दिखाते हैं
    वक्त आने पर सब को आजमाते हैं
    जो समझते हैं अपना काम आएंगे वही
    वरना दिखावा करने वाले तो दूर निकल जाते हैं
    6.
    जब इंसान मोहब्बत में धोखा खाता है
    तभी कुछ कर दिखाने का मौका आता है
    7.
    रेत की नाव है समुंदर के पार जाना है
    ना कोई जरिया है ना कुछ बहाना है
    खुद की भुजाओं पर रख भरोसा और कूद जा समुंदर में …
    अरे जो असंभव है वही तो करके दिखाना है
    8.
    जिंदगी के प्रश्नों का खुद ही जवाब हूं मैं
    बड़ा गुलाम बनने से बेहतर कि छोटा नवाब हूं मैं
    9.
    उनको दिल पर रखो जो तुम्हारी कामयाबी पर तालियां बजाते हैं
    उनको दिमाग पर रखो जो तुम्हारे सामने मुस्कुराते हैं और पीठ पीछे गालियां सुनाते हैं !

  • नव वर्ष 2021 की हार्दिक शुभकामनाएं ( आर्यन )

    नववर्ष 2021 की जय श्री राम जय श्री कृष्ण 🙏🙏🚩🕉 और सप्रेम शुभकामनाओं के साथ आपके लिए –

    अब बीत गया दुख भरा समय फिर नया सवेरा आया है.
    कोरोना का गम भूल जाओ संदेश प्रेम का लाया है !!

    सन बीस ने भरसक किया तंग सबको हैरत में कर डाला.
    लांकडाउन का वो रूझान इसने घर घर में भर डाला.

    लेकिन हर भारतवासी ने मिलकर कर्तव्य निभाया है

    कोरोना का गम भूल जाओ अब वक्त खुशी का आया है !!
    बेशक ये साल खराब रहा पर अच्छा भी परिणाम रहा.

    हो गया अवध में शिलान्यास घर-घर में जय श्री राम हुआ.

    गली गली हर घर घर में अब भगवा ध्वज लहराया है

    कोरोना का गम भूल जाओ यह वक्त खुशी का आया है !!
    जो होना था हो गया यार मत फिक्र करो बेगाने की.
    इस वर्ष नया क्या करना है बस सोचो बात ठिकाने की.

    इन विषम दिनों ने मुश्किल में भी जीना हमें सिखाया है
    कोरोना का गम भूल जाओ अब वक्त खुशी का आया है !!

    सन दो हजार इक्कीस हो मंगलमय सुंदर सब का सौभाग्य रहे .
    धर्म देश मां – बाप गुरु वेदों के प्रति अनुराग रहे.

    अंबर की ललित तरंगों ने फिर नव प्रभात चमकाया है

    अब बीत गया दुख भरा समय फिर नया सवेरा आया है !!

    करता हूं प्रार्थना ईश्वर से सब में सद्बुद्धि जगा देना.

    हम जैसे भूले भटकों को प्रभु सच्चा मार्ग दिखा देना.

    आर्यन ने आज आपके लिए पैगाम नया भिजवाया है

    सब मस्त रहो सब व्यस्त रहो अब वक्त खुशी का आया है !!

    सभी भारतवासियों को नवबर्ष 2021 की हार्दिक
    सप्रेम शुभकामनाएं ”
    Regards –
    भगवाधारी विशुद्ध सनातनी हिंदू –
    आर्यपुत्र आर्यन सिंह अहीर
    लेखक एवं कथावाचक
    प्रमुख आर्यावर्त नव निर्माण सेना
    Ph * 9720299285

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