भले वक्त में तो सभी ,नित अपनत्व लुटाए , बुरे बक्त , परछांई भी , दूर दूर न दिखाए। जानकी प्रसाद विवश आदरणीय प्यारे मित्रो, सवेरे की मधुर छटा में आप सभी का हार्दिक अभिवादन […]
भले वक्त में तो सभी ,नित अपनत्व लुटाए , बुरे बक्त , परछांई भी , दूर दूर न दिखाए। जानकी प्रसाद विवश आदरणीय प्यारे मित्रो, सवेरे की मधुर छटा में आप सभी का हार्दिक अभिवादन […]
शीत के सबेरे में , मित्रता की गर्माहट, प्यार मोहब्बत के सूरज की, सुनकर आहट , भावों के पंछी चहक उठते । अंगुलिया ठिठुर जाएँ , भावना उनींदी सी , प्यार के गरमागरम संदेश मगर […]
सुखद है मित्रों का संसार , बरसता निशदिन प्यार अपार। नहीं भौतिक है, है अध्यात्म , मित्र की महिमा अपरंपार । – जानकी प्रसाद विवश
प्यारे मित्रो….. नाचो -गाओ मन, नव-गीत गुनगुनाना , नये वर्ष खुशी खुशी ,सबके मन बहलाना । जन जन का मन से ,यह नम्र निवेदन है , मन की पीड़ा का , प्रस्तुत आवेदन है । […]
मित्र अपना यह अभिवादन , बहुत मन को सुहाता है । आँख जैसे ही खुलती है , तुम्हारा ध्यान आता है । मै ईश्वर से भी पहले ,बस तुझे ही याद करता हूँ , तू […]
सवेरे ही सवेरे हों ,मुसीबत के अंधेरे में , मित्रता-सूर्य की किरणें ,बिखर जाएं, अंधेरे में। जानकी प्रसाद विवश
बदला बदला सब कुछ लगता हरपल अदल-बदलती आशा । करवट वक्त ले रहा जानेअब कैसी बदली पल पल रिश्तों की परिभाषा । प्यारे मित्रो ,सवेरे की मधुर बेला में सपरिवारसहर्ष , पुलकित मंगलकामनाएँ स्वीकार करें […]
कभी कभी जीवन के पथ में, ऐसा भी हो जाता है। कभी कभी मनचाहा मिलता , मिलकर भी खो जाता है।
“*पहला नमन “* *—***—** हर सुवह का पहला नमन आपको अर्पण करें। मनमीत मेरे आप खुश हों खुशियाँ पदार्पण करें । जानकी प्रसाद विवश मेरे परम प्रिय मित्रो , क्रिसमस -प्रेम पर्व की मंगल घड़ियों […]
तन वदन मन खिलखिलाता , जब किसी का पत्र आता । पत्र के उर में बसे हैं , प्रेमियों के भाव गहरे । दूर हों चाहे भले वे , पत्र से नजदीक ठहरे । पत्र […]
आ गया अब शीत का मौसम कंपकंपी के गीत का मौसम । झील सरिता सर हैं खामोश अब न लहर में तनिक भी जोश वृक्ष की शाखें नहीं मचलें लग रहा अब है न तनिक […]
चाहे कुछ भी ना हो दुनिया में, यादें तो हमारी हैं । रंगीन प्रेम गाथा ,हमारी है , तुम्हारी हैं ।
सर्दियों में धूप मनको जिस तरह प्यारी लगे । आपकी छवि व्यथित मन को परम सुखकारी लगे । मौन रह.अनकही बातें , शेष कहने को रहीं । जिस जगह से भी गुजरते , आप मिल […]
आपकी मुसकान के आधीन, यह दिल हो चुका । अब नाजा जीते जी कभी भी हो सके आजाद यह । अब इवादत प्यार की , करता रहेगा उम्र भर । इनायत या शिकायत की., करेगा […]
किसी का दिल भी , आईने की तरह टूट गया। लाख पुचकार कर जोड़ें, नहीं जुड़ पाएगा । रास्ता जिंदगी का बन गया आड़ा-टेढ़ा , लाख चाहें , नहीं सीधा कभी , मुड़ पाएगा ।
अपलक टकटकी लगाकर, देखते ही देखते । जिंदगी कब गुजर जाए, कुछ नहीं इसका पता।
निगाहों के रस्ते रस्ते , प्यार का पैगाम दिल तलक पहुंचे , प्यार की पहली नजर ही प्यार की पहली सीढ़ी है ।
बिखरना फिर सिमट जाना, इश्के अंजाम होता है । प्यास दिल की बुझाने को , नजर का जाम होता है।
आपका दर्द , दिल को इस कदर, मुझको तो प्यारा है । दर्द की दवा देने में , अपना जीवन गुजारा है । बढ़ीं बैचैनियाँ जब जब., ना तुमको नींद आई है , अपनी रातों […]
जिंदगी का हँसी सवेरा है , दिल से इसका सभी सत्कार करो । बात करना ही है तो , कर डालो , खुल कर बस. प्यार की ही बात करो । जिंदगी को ना झंझटों […]
दिल ले लेना , दिल दे देना यह बच्चों का ,खेल नहीं । लाख जमाना कुछ भी करले, साथ न पल भर भी छूटे । जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रों, मंगलमय प्रभात की सर्व सुखकारी […]
मित्रता – तीर्थ ना जो जा पाया व्यर्थ मानव का जन्म है पाया। मित्र बिन जिंदगी मरुस्थल सी , मित्रता जल ने उसे हरियाया । मेरे प्यारे मित्रो , प्रातःकाल की मधुर अनुभूति की सुहानी […]
शीत के सवेरे में , गरमागरम राम राम , भज ले मन राम राम , बन जायें बिगड़े काम। पल भर निर्मल मन से जोभी याद करता है । वह विपदाओं से ,कभी , तिल […]
दुआएं सुबह करें ,शाम करें , प्यार कुछ मित्रता के नाम करें । अपने हर मित्र का भला चाहें , जिंदगी मित्रता का धाम करें। जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रो…. सपरिवारसहर्ष , मित्रतामय सवेरे की […]
सुवह सुवह ये गुनगुनी सी , धूप रूप की , लगी है सेंकने ये , शीत -थरथराए तन । उमग जगाने लगी , मन में तपन प्यार की , कि रूप का अलाव तापे , […]
मधुर सुवह का प्यार मित्रो , मधुर सुवह का प्यार । नहीं मित्रता से बढ़ कोई , है कोई उपहार । सदा मित्रता भाव हृदय में , प्रेम-सुधा बरसाते । रोम रोम हर्षाता , हर […]
अपने मित्रों की पीर हरण , जो करता है । मित्रता -कसौटी , जगजाहिर, वो करता है । जब विपदाओं के ,चक्रव्यूह में, मित्र फँसे , फिर अर्जुन जैसा बन कर मित्र , कर्तव्य उजागर […]
अब तो आँखो से भी जलन होती हैं मुझे ऐ कान्हा खुली हो तो तलाश तेरी बंद हो तो ख्वाब तेरे आप सभी कृष्ण प्रेमियों को जय श्री राधे राधे जय श्री कृष्ण जय शिव […]
तुम खिलखिलाते खिल उठे गुलशन लजा गया । पहले कभी खिलाफ नहीं, ऐसा गुलाब था ।…..खुशियों की गंध मुबारक हो। आपका….. जानकी प्रसाद विवश…..।
आपने पत्थर को हीरा बना दिया, दीवानगी ने जाने कब, मीरा बना दिया। निरंतर पढ़ते रहें … जानकी प्रसाद विवश का रचना संसार……।।
वक्त की परीक्षा में पास तुम्हें होना है हर पल हँसते रहना कभी नहीं रोना है। कोशिश मे कोई कसर कभी भी नहीं छोड़ो आगे जो कुछ होना वो सब तो होना है । निरंतर […]
सभी प्यारे मित्रों को शुभ सांय….. निष्ठुर मेघ….. काजल से कजरारे बदरा. थोड़े से बरसे , सब जड़ चेतन ,प्यासी धरती, प्यासे मन तरसे । कितने ढोल नगाड़े पीटे , निज अगवानी के । मोर […]
बहुत बहुत प्यारे मित्रो सुहानी शाम का आत्मीय अभिवादन। “घनश्याम का दीदार” सुहानी शाम को घनश्याम का, दीदार हो जाये, ये प्यासा मन, कन्हैया के, गले का हार हो जाये । मधुर मुरली की रसबँती […]
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