इस दुनिया में किसी को वफ़ा नहीं मिलती सजा तो मिलती है लेकिन दुआ नहीं मिलती
इस दुनिया में किसी को वफ़ा नहीं मिलती सजा तो मिलती है लेकिन दुआ नहीं मिलती
हर सदी इश्क की होती है एहसास का कोई मौसम नहीं होता
पहले तन्हाई बहुत रुलाती है धीरे-धीरे आदत सी हो जाती है
नौ मिनट के लिए भूल जा तू हिंदू-मुसलमाँ आज इंसानियत के लिये दीप जला दे
अगर मैं भूल भी जाऊँ तो वो याद दिला देती है ज़िन्दगी मौत से बद्तर है हर रोज़ सज़ा देती है
दिलचस्प है ये ज़िन्दगी का सफ़र एक भी थक जाये तो मंज़िल नहीं मिलती
वो एक लम्हा चुरा लाया है मेरा दिल जिस पल में तू मेरे साथ रहा करता था
नहीं रहा अब इस जहान में मेरा शनासा कर्ब किसको रो- रोकर सुनाऊँ अपना शनासा- परिचित, कर्ब-दुख
हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है […]
मेरी ज़िन्दगी की अधूरी कहानी है तू मेरी आँखों में मौजूद पानी है तू मेरे जीवन का मुन्तजिर है मेरी ख्वाइशों की पैमाइश है तू
मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है मेरी तन्हाई में,मेरे एहसास में मेरी हर सांस में अभी तक ज़िंदा है तू ——————-‐— दिल की ज़मी में आज भी उगते हैं तेरी तमन्ना के दरख्ते ———————– रोशन […]
जो मिला जीवन के सफ़र में उसे मेरी जरूरत ना थी जिन्हें जरुरत है मेरी उनकी तलाश में है दिल
बिना धागे की सुई है ज़िन्दगी कोई कहता है अच्छी है ज़िन्दगी किसी को सिखाती है किसी को बस चुभती जाती है ।
पेश है आपकी खिदमत में:- गज़ल आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा तुझे भूलूँ या कैद दिल में करूँ ———————— दिल लगा लूँ या जान छुड़ा लूँ तुमसे आज कल सोंचता बहुत है […]
चलो सब मिलकर जीत दिलाएं कोरोना को हरायें पाँच अप्रैल को सब देशवासी घर में दीप जलाएं दीप की ज्योति से अपना घर सँसार सजाएं चलो सब मिलकर जीत दिलाएँ थू है उनपर जो जमाती […]
पुत्र मोह में लिपटे प्राण-पखेरू भी उड़ चले आज बलि वेदी पर राजा दशरथ भी चढ़ गए आज कैसी विपदा आन पड़ी अवध नगरी पर जो फली- फूली थी उपवन सी अकस्मात ही उजड़ गई […]
अल्फ़ाज यूँ ही गज़ल नहीं बना करते, दिल के छाले भी लफ्जों में बयां करने पड़ते हैं।
थोड़ा ठहर जा ज़िन्दगी थक गई हूँ बहुत ज़्यादा रफ़्तार अच्छी नहीं होती
बेहया रात से गले मिल कर आई है सुबह मेरी कि धूप छांव का आलम लाई है सुबह मेरी मेरी गज़ल भी थी जो लिखी थी एक दिन मैने उसकी इबादत में उस गज़ल के […]
कुछ तो खेल है हाथ की लकीरों का हाथ ना आया लगाया हाथ जिसमें न पाने की तमन्ना थी मिला हरदम वही मुझको जुस्तजू जिसकी थी हमने उसी से हाथ धो बैठे जिंदगी बन गई […]
समुंदर पार कर दो ए केवट प्रिय मेरे पार कर दो गंगा प्रिय लक्ष्मण भ्रात है साथ और है जनक दुलारी साथ जाना है चित्रकूट मुझको करा दो गंगा पार हे केवट करा दो गंगा […]
सब था मर्यादित रामचरित मानस में पर उपेक्षित उर्मिला की वेदना पर ध्यान किसी ने नहीं दिया जिस सम्मान की वो भागीदार थी वह सम्मान किसी ने नहीं दिया
हर फ़ैसला खुद करने की आदत थी उन्हें, बिछड़ने का फैसला भी अकेले कर लिया।
इश्क की गोद में जा बैठी जो कातिल था उसी को मीत बना बैठी। बुझ गई थी बहुत पहले ही क्यूँ आज दिल की आग जला बैठी। वो ख्व़ाब था किसी की नींदों का क्यूँ […]
कुछ दिनों से बदल सी गई हूँ पहले जीवन में कविता ढूंढ़ती थी अब कविता में जीवन ढूंढ़ती हूँ।
इस तरह सतर्क पहले कभी ना थे लगी जब से ठोकर हर कदम सम्भाल कर रखती हूँ
एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर
एक पन्ना और जुड़ गया जीवन के अध्याय में चिरंजीव चिरस्थायी का जो आशीर्वाद दिया था माँ ने आज धुंधला प्रतीत हो रहा है अकस्मात एक प्रारब्ध बेला पर विचलित कर देने वाली घटना स्मरण […]
एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]
बहुत कोशिशें कर ली उसे मनाने की, राहें भी ढूंढी दिल में उतर जाने की । पर नाकाम ही रहे हर कोशिश में हम, दिल उदास हो गया गम में डूबे हम… फैसला कर लिया […]
वो आते तो हैं मेरे आशियाने में.. मुझी से मिलने मगर जताते नहीं हैं बस हम समझ जाते हैं.. नज़रे झुकाए रहते हैं और दिल लगाने की बात करते हैं.. कितने नादान हैं चुपके से […]
हैरत में हूँ कुछ भी समझ आता नहीं, नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके।
🤔🤔हैरत में हूँ कुछ समझ आता नहीं नींद तो मेरी है पर ख्व़ाब आपके 🙈🙈
आरज़ू थी कि मेरे हाथ में तेरा हाथ होगा…. क्या खबर थी कि हाथ सिर्फ़ चिट्ठियां ही आएंगी ।
तुमने कह तो दिया मगर दिल को तसल्ली ना हुई शब तो हो गई पर मैं ना सोई गुजार दी ज़िन्दगी तेरी आरज़ू करने के बाद किसी और को क्यूँ देखूँ तुम्हें देखने के बाद […]
तेरी मोहब्बत में आधी उम्र काट दी पर क्या करूँ आज भी बेबस हूँ मैं
वह लौट कर आया है अरसे के बाद के मैं हैरान हूं क्योंकि उसने कहा था मैं जा तो रहा हूं पर कभी लौट कर नहीं आऊंगा
मैनें लाज़ की चादर ओढ़ रखी है शायद मेरी ज़मी पे तेरे इश्क की बूंदाबांदी हो कभी
कुछ सर्द हवाओं ने मन महका दिया उन हवाओं में जैसे नर्मी सी हो छू कर मेरे बदन को रूह तक ठण्डा कर रही हैं और अपनी खुशबुओं से फ़िजा महका रही हैं
आज कुछ पुरानी यादों के पन्ने पलटकर हम वहीं पहुँच गए जहां से बिछड़े थे तुमसे
कुछ खुशबुएँ महकती हैं कायनात में लिपटे हैं हम पुरानी यादों के दामन में ।
मेरी स्मृति में अब भी कुछ अवशेष शेष हैं तुम्हारी यादों के कुछ पल मेरे मस्तिष्क में उपस्थित हैं
लेकर दर्द घूमती हूँ हर दर पर पर तेरा दर नहीं मिलता जाऊँ मैं किधर!!!!!
लोग कहते हैं कि मैं बड़ा कमाल लिखती हूँ मैं उसका ही दिया हर दर्द उसके नाम लिखती हूँ
🇮🇳सीतापुरिया अवधी भाषा:-🇮🇳 घर ते निकरई मा जियरा डेराति हई कोरोना वायरस खाए जाति है।😩😩 हरि घंटा हम हाँथ धोइति हन खाना- पीना हम संतुलितई खाईति हन खाँसी आवई मा जियरा डेराति है कोरोना वायरस […]
FacebookWhatsAppTwitterEmailCopy LinkShare सर्दी खाँसी हो जाती है बहुत तेज ज्वर आता हांथो पैरों का दर्द बढ़ता ही जाता है पहले सूखी खाँसी आती है फिर ज्वर ज्वलंत हो जाता है बचाव:- बचाव ही निदान है […]
मैं जानती हूँ कि तुम भी मुझे ही गलत ठहराओगे कुछ कहने से कोई फायदा नहीं—- मैं कह भी दूँ मैं सही थी पर तुम कहाँ मानोगे— तुमने जो जिम्मेदारी दी थी उसी को पूरा […]
मै जानती हूँ मुझमें गुस्सा थोड़ा ज्यादा है पर मै दिल की बुरी हूँ जरूरी तो नहीं….. बड़ो के आगे झुकना चाहिए पर हमेशा मैं ही झुकूं ये जरूरी तो नहीं…. आग दिल में लिये […]
हर दर्द का इलाज है जहान में पर अपनो के दिए ज़ख्म कहाँ भरते हैं टूट जाते हैं जो रिश्ते तो फिर कहाँ जुड़ते हैं कैसी कश्मकश है जिंदगी में जो प्रिय होते वही बिछड़ते […]
दिलों में गर्मी बहुत है थोड़ी हवा चल जाये तो अच्छा है
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.