अब बहुत हो गया लेती हूँ मैं विदा कल फिर लेकर आऊंगी कुछ अल्फ़ाजों की लड़ी प्रीत से भीग जायेगा तन-मन तुम्हारा लग जायेगी आँसूओं की झड़ी।
अब बहुत हो गया लेती हूँ मैं विदा कल फिर लेकर आऊंगी कुछ अल्फ़ाजों की लड़ी प्रीत से भीग जायेगा तन-मन तुम्हारा लग जायेगी आँसूओं की झड़ी।
वो तो गूलर का फूल लगता है मेरे दिल का फ़ितूर लगता है । ना शाम लगता है ना सुबह लगता है सर्दी की दोपहर वो लगता है । वो तो भीगा गुलाब लगता था […]
तुम्हारी चादर में लिपटे कुछ शक के दाग थे। तुम मेरी मंज़िल और तुम्ही हमराज थे। क्या थे दिन और क्या लम्हात थे। कुछ अंजाम और कुछ आगाज़ थे। इल्जाम लगा किस्मत और हालात पर […]
जरा देखूं तो सही तुम्हारे दिल में उतर कर दिल है अभी या दिल है ही नहीं दिल है तो उसमें पत्थर हैं या मांस के कुछ लोथड़े भी हैं एहसास है या है ही […]
उनके आने की खबर से मैं यूँ बेचैन हो गई खिड़की से देखती रही दरवाज़ा खोलना भूल गई
पर्त दर पर्त तू खुलता जा रहा है ये दिल तुझसे दूर होता जा रहा है
किताब जब खोलोगे तुम यादों की मेरा नाम सबसे नीचे होगा पन्ने जब पलटोगे वफ़ा के मेरा ही चेहरा दिखेगा
पहले खफ़ा थे हम उनसे अब वो निभा रहे हैं जितना मैं पास जाऊँ उतना ही दूर जा रहे हैं
वो मुझे यूँ रुला रहा है जैसे याद कर रहा है । यूँ देखता है जैसे मुझे प्यार कर रहा है ।
तेरी एक अच्छाई बताऊँ:- अगर तू बेवफा ना होता तो मैं शायर ना होती कदर खुशियों की कैसे जानती जो रात भर ना रोती ।
वो मुझे कुछ यूँ चाहता था कि मेरी साँसो से मुझे पहचान लेता था एक दिन उसके दोस्तों ने पूंछा क्या है तुम्हारी ख्वाहिशे—— उसने छोटी सी लिस्ट सुनाई जिसमें पहला नाम भी मेरा था […]
रोंक लिया है हमनें अपने आप को जैसा चाहते थे तुम मैनें खुद को बना लिया
बहारें आने वाली थीं लेकिन ना आई कली जो खिलने वाली थी शाख पर ही ना आई
कौन जाने यहाँ किसको सब व्यस्त हैं खुद में किसी से क्या शिकायत जब तू खुद ही तेरे मद में
कौन जाने यहाँ किसको सब व्यस्त हैं खुद में किसी से क्या शिकायत जब तू ही खुद ही तेरे मद में
छिपा कर ज़ख्म घूमती हूँ तेरे दिए हुए तड़प उठती है तन्हाई किसी का हाथ पड़ने से
धुँधली यादों की परछायी छुपाने की जो कोशिश की मिट गई सांसों की रेखा लिपट कर आ गयी यादें
भूल जाऊँ मैं सब कुछ नामुमकिन है ये खुद को भुला सकना मेरे बस में फिर भी है तेरा नाम मिटा सकना नहीं बस में नहीं हद में
तेरे इश्क में किया है हमनें मै से मैखाने का सफ़र
रात भी खत्म हो गई बस तेरा जिक्र बाकी है तूने तो मुझे मार डाला पर मेरी साँस बाकी है
कोशिश नाकाम ही रही गज़ब फ़ितूर छाया है लगता है क्यूँ ऐसा तेरा अक्श आया है
लौट आओ मुसाफिर देर हो चुकी है जिंदगी हमेशा मौका ना देगी
बादल गरज़ यूं रहे थे के बरस ही जायेंगे बिज़ली कड़क के हमको तेरी याद दिला रही कुछ बर्फ के टुकड़े पड़े है सड़क पर—– बूँद तो बरस रही हैं स्नेहिल झीसियाँ थी पड़ रही […]
इत्मिनान से पढ़िए — मेरे दिल के हैं अल्फ़ाज़— हर बात का मतलब नहीं होता कभी तो दिल से काम लीजिये तू ही तू बस नज़र आयेगा हर नफ़स ।
तेरे शहर में मेरा कितना नाम हो गया तेरे नाम से जुड़कर मेरा चर्चा आम हो गया
थक के चूर —-हो गई है रात— बादल गरज़ रहे हैं है इतना शोर फिर भी जाने कैसे लोग सो रहे हैं
अब जीवन का अवकाश रहेगा कल से मेरे पास रहेगा __________क्षुब्ध होकर अपंग से तेरे बोल के टेसू अब ना सूखेगे मेरे आँगन में ______कुसुम का बंदन ना महकेगा प्राणवायु के दामन में गलियारों की […]
ए ज़िन्दगी अब तेरी आरज़ू ना रही मेरी सासें इक डोरी सी हैं पर मन की वो तिजोरी ना रही अब तक तो गनीमत थी पर अब तो माँ भी सुनाती है तू मेरी थी […]
हम मुर्दा हैं या जीवित तुम्हें कोई फर्क नहीं तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं के हम किस हाल में रहते हैं सब दिल का खेल है तुम्हें मेरे जीवन की भी खबर नहीं […]
ना झूठे थे मेरे वादे ना झूठी थी मेरी कसमें तुमने इल्जाम दे देकर मेरे दिल को दुखा डाला
अम्बर झुका हुआ है और वसुंधरा है बसंती कोपल की तरह प्रस्फुटित हो रहा है मन हर शाख पर खिल रहा है सुमन । हर पत्ता बूटा भीगा है लतपत है उपवन वृन्त से पृथक […]
ख़ुशी से मेरा पता दे रही है यह कैसी उदासी है जो दिल छू रही है सब छोड़ गए मेरा साथ पर यह नहीं छोड़ती जानती हूं यही है मेरी हमराज़ कोई जिंदगी में नहीं […]
तोहरे प्यार में होखे दीवानी बड़ा नीमन लागेले कवने जतन से तोहका मनावे कुछ ना समझ में आवेले
बढ़ी कीमत चुकाई मैने प्यार की तुझे रास ना आयी तो मैं क्या करूं
बढ़ी कीमत चुकाई मैनें प्यार की मगर तुझे रास ना आत आयी तो मै क्या करूँ
धूप मल ही रहे थे तुम्हारे प्यार की कि तुम तुमने दिल से बेदखल कर दिया देखो मेरे प्यार की शाम हो गई
भिगोकर बादाम दूध में केसर छिड़क दिया खुदा ने कुछ यूं ही तुमको बनाया होगा अफसोस ना कर तेरा रंग श्याम है मैंने कुछ ऐसे भी लोग देखे हैं जो दिल के काले होते हैं
मैंने कोई धोखा नहीं दिया तुम्हें तुमको ही धोखा हुआ अफसोस इस बात का है कि तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं
ख्वाइशों के जुगनू पकड़कर बोतल में बंद कर दिए चिराग दिल के बुझाए बैठे हैं रफ्ता रफ्ता चल रही हैं सांसें सारे ख्वाब छुपाये बैठे हैं
आसमान के चादर में लिपटे अनगिनत सितारे हैं चांद फिर भी तन्हा है, जबकि लाखों उसके दीवाने हैं।
काश! तुम मेरी मजबूरियाँ समझ पाते जो मेरे दिल में था वो कह पाते क्यूँ सिमट जाती मेरी ज़िन्दगी यूँ कोने में क्यूँ दर्द होता मेरे सीने में ना हम अपनी मजबूरी का हवाला देते […]
वो आया था घर बहुत ही शान्त था खूबसूरत आंखें और मुस्कुराहट जब मेरी तरफ देखा तो उन नज़रो में छुपे हजारों सवाल थे
गजब का फ़ितूर है मेरे दिमाग मे भी, कौन मिलता है यहाँ उधार लेने के बाद भी।।
होली के रंग अब फीके न पड़ेंगे। हम उनमे रोज महसूस होंगे।।
आदत नही है कि हर पल मनाये मुझे कोई। पर अच्छा नही लगता गैर जताए मुझे कोई।
तुम क्यो चुप से हो गये हो। फिर से कुछ बदल से गये हो।।
मैनें हर रिश्ते को शिद्दत से निभाया है जिसने मुझे प्यार किया उसे अपनाया है जिसने दिल से जाना चाहा उसे, उसे रब का वास्ता भी दिलाया है ।
तेरा नशा कोरोना वायरस की तरह फैल तो गया तू दिल में बिन बुलाए मेहमान की तरह आ तो गया मगर कान खोल कर सुन ले मेरा प्यार कैंसर है मरने के बाद ही जायेगा […]
😉उनका दिल इतना नादान है 😘जिसे भी देखता है मोहब्बत हो जाती है 🤐🤐
ए दोस्त! मुझमें कभी इतनी हिम्मत ना आयी बस तुझे दूर से देखती रही कभी पास ना आयी
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