भारत माता कह रही, एक जुट हो सब लाल शत्रु की ईंट जवाव दो, पत्थर से तत्काल भारत माता कह रही, संकट में इंसान मत भूलो इंसानियत, सब मारो शैतान भारत माता कह रही, ईश्वर […]

पाँच साल में अब नहीं, हो हर साल चुनाव बहती गंगा प्रेम की, होते दूर तनाव पढ लिख कर नौकर बने, या होते बेकार एक बार नेता बनो, दो कई पीढ़ी तार कानो को प्यारे […]

एक थी नारी सबको थी प्यारी सब चाहते थे हो जाए हमारी ममता की मूर्ति और दुनिया पुजारी तभी एक दिन दवे पांव आया नरवाद ममता के मंदिर में मचाया हाहाकार स्वार्थ और अहं से […]

कई दिनो से सोच रहा था पंत की तरह प्रकृति चित्रण करूं पद्मकार की तरह ऋतु वर्णन करूँ परंतु एक दिन सुबह का अखबार पढ़कर मेरा विचार बदल गया अखबार का शीर्षक था मनुष्य ने […]

शक्कर पानी ज्यों घुले, ऐसे घुलमिल देश शर्बत पी लें शांति का, यह भारत संदेश भारत है एक बाग सा, कई प्रजाति के फूल औ माली भगवान् हैं, सींच रखे अनुकूल भाषाए होंगी अलग, होंगे […]