मतलबी दुनिया

मेरी जलती चिता पर लोग रोटी सेंक लेते हैं
सहारे की जरूरत पर मेरा ही टेक लेते हैं
जमाने ने मुझे समझा किसी माचिस की तीली सा
जला करके दिया अक़्सर जिसे सब फेंक देते है।
शक्ति त्रिपाठी “देव”

Comments

9 responses to “मतलबी दुनिया”

    1. Shakti Kumar Tripathi

      Thanks🙏

  1. Pragya Shukla

    👏👏

    1. Shakti Kumar Tripathi

      🙏🙏

    1. Shakti Kumar Tripathi

      Tq sir🙏🏼

    1. Shakti Kumar Tripathi

      Tq sir🙏🏼

Leave a Reply

New Report

Close