सूनी है सब डगर तेरे बिन सूनी है मेरी नजर तेरे बिन सूना है यह शहर तेरे बिन क्यों सब सूना कर छोड़ गए मुझको क्यों अकेला तोड़ गए ….. यूई

चाहते हो जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई

चाहते हो  जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई

नाम हो मेरा, बस नाम हो मेरा नाम नाम के ऐसी होड़ लगी सबको पीछे यह छोड़ चली कैसे भी हो बस नाम हो मेरा ऐसी हवा यह खुद्की चली सबको साथ यह ले उड़ी […]

रंजिशें कितनी भी निभा लो दुश्मन कितने चाहो बना लो दोस्त जितने चाहो गँवा लो नशा है ही ऐसा दौलत का इसे जितना चाहो बड़ा लो होड़ जितनी चाहे ल्गा लो सबको पीछे छोड़ दौड़ […]