रंजिशें कितनी भी निभा लो दुश्मन कितने चाहो बना लो दोस्त जितने चाहो गँवा लो नशा है ही ऐसा दौलत का इसे जितना चाहो बड़ा लो होड़ जितनी चाहे ल्गा लो सबको पीछे छोड़ दौड़ […]

पहली नजर का मेरा इश्क है बिन हिसाब का मेरा इश्क है ख़ुद में ही पावन यह इश्क है अकारण बिन-व्जह का इश्क है कह लो के पागल यह इश्क है माना तो सही के […]

सब कहते हैं तू दिल का हाल लिखता है तेरे शब्दों का यह जाल खूब बिकता है जो चाह कर भी कभी तू लिख ना पाएगा मेरे दिल को तेरा वौह कलाम दिखता है …… […]

अश्कों में छुपी एक जान होती है इनकी ज़िन्दगी शानदार होती है रंग दिखने को बस बेरंग रखा है हर रंग इन्होंने ख़ुद में समा रखा है बेश्मकीमतें नगीने यह अरमानो के बहाना ना इनको […]