प्यार मोहब्बत दोस्ती वफ़ा है सब किताबी अफ्साने यहां तेरी ना किसी को लगन यहां सब ख़ुद में ही है मगन यहां ….. यूई
प्यार मोहब्बत दोस्ती वफ़ा है सब किताबी अफ्साने यहां तेरी ना किसी को लगन यहां सब ख़ुद में ही है मगन यहां ….. यूई
किसको किसकी पड़ी है यहां सबकी नज़रे ख़ुद में गड़ी यहां ….. यूई
कौन यहां पे किसकी सुनता है हर कोई अपने ही सपने बुनता है ….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई
चाहते हो जो उसको पाना तो उसकी राह् चले जाना उसमें ना कोई बहाना बताना दिल अपने को रोज़ समझाना मन को सीधी राह् रख पाना उसको पल पल भटकन से बचाना ….. यूई
मांगो तो फटकार मिलेगी भागो तो दुत्कार मिलेगी छीनो तो कारागार मिलेगी ठगो तो आह बेकार मिलेगी ….. यूई
यह दुनिया बड़ी अवल्ली है यहां हर इंसान दुवल्ली है मांगो इससे तो यह खल्ली है ख़ुद लुटाए हो हो झल्ली है ….. यूई
ढूँढ ढूँढ तोहे मैं थकी आग विरह में मैं पकी कर यत्न मैं टूट चुकी तेरे मन को थाह ना सकी ….. यूई
नाम हो मेरा, बस नाम हो मेरा नाम नाम के ऐसी होड़ लगी सबको पीछे यह छोड़ चली कैसे भी हो बस नाम हो मेरा ऐसी हवा यह खुद्की चली सबको साथ यह ले उड़ी […]
इस दुनिया में नाम के उमर है उतनी जितनी इस जीवन में देह के जितनी ….. यूई
नाम की अपनी झूठी होड़ में मिलेंगे पागल तुम्हे हर मोड़ पे ….. यूई
तेरे नाम की अब किसको है आशा हर कोई है अपने ही नाम का प्यासा ….. यूई
ख़ुद के नाम में यूँ डूबी दुनिया उसके नाम को ही ले डूबी दुनिया …… यूई
रंजिशें कितनी भी निभा लो दुश्मन कितने चाहो बना लो दोस्त जितने चाहो गँवा लो नशा है ही ऐसा दौलत का इसे जितना चाहो बड़ा लो होड़ जितनी चाहे ल्गा लो सबको पीछे छोड़ दौड़ […]
अपनी नजरोँ में बस छुपा लो मुझको जमाने कीं नजरोँ से बचा लो मुझको आपकी नजरोँ में सिमट जाना है मुझको इन्ही नजरों में जीवन बिताना है मुझको …… यूई
पूछते हो के क्यों करते हो इश्क मुझसे सालों से जवाब इसका ढूँढ रहे हैं हम खुद्से …… यूई
पहली नजर का मेरा इश्क है बिन हिसाब का मेरा इश्क है ख़ुद में ही पावन यह इश्क है अकारण बिन-व्जह का इश्क है कह लो के पागल यह इश्क है माना तो सही के […]
एहसास तेरी पह्ली छुअन का मुझमें जिंदा बच गया मर कीं भी मुझमें …… यूई
अपने साजन संग मैं फहर गई इक आग सी मुझमें सहर गई अंग गोरे मोरे इक लहर गई बन तरंग सी मुझमें तैर गई …… यूई
मोहे अब कोई रंग ना फबता सिवा तेरे अब कोई ना जचता …… यूई
रंग जोगिया तेरा मोहे भा गया सजना इश्क तेरा मोरे दिलपे छा गया सजना मै तोरे प्यार में बस खो गई सजना रूह मेरी तोरी जोगन हो गई सजना लाज़ शर्म सब ताक आई मैं […]
रंग तेरे में रंग गई सजना इश्क तेरे में रंग गई सजना दिल अपने में बसा ले सजना अब तो अंग लगा ले सजना …… यूई
सबको एक नजर में अपना बना लेते हो कैसे तुम सबसे ही वफ़ा निभा लेते हो …… यूई
कैसा यह नजरोँ का खेल रचाया है रकीबों को भी इस खेल में नचाया है …… यूई
नजरो नजरोँ में ही कैसे नजर घुमा जाते हो अपनो को एक नजर में कैसे ज़ुदा कर जाते हो …… यूई
नजरो नजरोँ में ही मेरी नजर चुरा लेते हो नजरोँ में ही मेरी नजर अपनी बना लेते हो …… यूई
इस कदर प्यार से ना देखो मुझको नज़र कही ना लग जाए ख़ुद की मुझको …… यूई
अंग अंग अपना रंगाया तेरे इश्क में अपनी रूह को नहलाया तेरे इश्क में सब रंग अपने अपने चाहे दिखाते हैं दुनिया के रंग ना अब मोहे भाते हैं …… यूई
घूमाई ऐसी नजर यार ने प्यार में बेवफाई कीं तसवीर दिखाई प्यार में जो थे बरसों रकीब हमारे प्यार में हमेे ही हो गए रकीब उनके प्यार में …… यूई
जिन नजरों में सुनते थे अपने दिल के फ्साने उनही नजरोँ में हैं हम अब रकीबों से दीवाने …… यूई
हमारा एक ऐसा वक्त गुज़रा है अपना था पर वोह अब गुज़रा है तेरी नजरों में ही बसा करते थे हाल-ए-दिल अपना पड़ा करते थे …… यूई
सब कहते हैं तू दिल का हाल लिखता है तेरे शब्दों का यह जाल खूब बिकता है जो चाह कर भी कभी तू लिख ना पाएगा मेरे दिल को तेरा वौह कलाम दिखता है …… […]
ज़िकर तेरे ने फिर छेड़ दिए वौह दिल के तार जो कब्के भुला दिए थे हमने पिछली बहांर …… यूई
महफिल में लेते ही नाम तेरा जी उठे फिर वह तमाम चेहरे जो जाने की तैयारी में थे परसो वही जम गए वौह फिर बरसो …… यूई
बात निकली तेरी तो रात गई जाने कब वौह बरसात गई …… यूई
ज़िकर जिस महफिल में ना हो तेरा उस महफिल में नही रमता दिल मेरा …… यूई
ज़िकर जब भी तेरा कही उठता है जाने दिल मेरा क्यों खिल उठता है …… यूई
आँखों से जो यह अश्क निकले हैं यही तो मेरी रूह के चिथड़े हैं …… यूई
दर्द तेरे दिल को जो जकड़े हैं मेरी रूह को वोही तो पकड़े हैं …… यूई
दुआ में कभी हाथ उठा ना पाए तुम दवा मेरे गम की क्या तुम कर पाओगे …… यूई
मेरे दर्द-ए-गम की दवा तेरे पास नही तेरे मर्ज-ए-इश्क की दवा मेरे पास नही …… यूई
मेरे अश्कों के दर्द क्या तुम सुल्झओगे इनकी आग में ख़ुद ही भस्म हो जाओगे …… यूई
दर्द ख़ुद के ही अश्कों का समझ ना पाया ज़िन्दगी का यह खेल मुझ को ना भाया …… यूई
अश्कों में छुपी एक जान होती है इनकी ज़िन्दगी शानदार होती है रंग दिखने को बस बेरंग रखा है हर रंग इन्होंने ख़ुद में समा रखा है बेश्मकीमतें नगीने यह अरमानो के बहाना ना इनको […]
सोचा था पी के भूला देंगे तेरे गम ना जाने फिर क्यों आँखें रह गई नम ….. यूई
पैमाना कितना भी सम्भालो छलक जाता है दर्द-ए-दिल जितना भी छुपा लो झलक जाता है …… यूई
सालों पहले जो तोड़ दिया था दिल जो आपने भरी दोपहर में आज तलक ना संभाल पाए उसे हम ज़िन्दगी की सहर में …… यूई
ज़िकर जब भी उठता है तेरा शहर में दिल डूब सा जाता है किसी लहर में …… यूई
ज़िन्दगी की राहें अब आसान हुई मौत के इंतज़ार में ही शाम हुई …… यूई
आने का वादा तेरा मुझसे टूट गया तेरा इंतज़ार अब मुझसे ही रूठ गया अच्छा हुआ यह खेल अपना छूट गया तेरे सर के सारे इल्ज़ाम मै लूट गया ….. यूई
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