सूनी है सब डगर तेरे बिन सूनी है मेरी नजर तेरे बिन सूना है यह शहर तेरे बिन क्यों सब सूना कर छोड़ गए मुझको क्यों अकेला तोड़ गए ….. यूई

तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है! वही है चाहत यादों की बरसात वही है! हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से, खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है! Composed By #महादेव