तेरा सजदा – 110 कोई तेरी जटिल राह् को अटल इरादों से पार कर जाता है कोई तेरी जटिल राह् में कुछ कदमों में ही बहक जाता है …… यूई
तेरा सजदा – 110 कोई तेरी जटिल राह् को अटल इरादों से पार कर जाता है कोई तेरी जटिल राह् में कुछ कदमों में ही बहक जाता है …… यूई
तेरा सजदा – 109 कोई तुझमें सिमट कर सकून पाता है कोई तन में सिमट कर सकून पाता है …… यूई
तेरा सजदा – 108 कोई तेरी आग में ख़ुद को जला जाता है कोई ख़ुद की आग में सबको जलाता है …… यूई
तेरा सजदा – 107 कोई तेरी रोशनी में जीवन भर जीता है कोई तेरी रोशनी को जीवन भर खोता है …… यूई
तेरा सजदा – 106 कोई तेरे पावन इश्क़ की रो में सर झुका कर बैठा रह्ता है कोई ख़ुद की दुनियावी चाहतों में नशों में लिप्त रह्ता है …… यूई
तेरा सजदा – 105 कोई अपनी हर सफलता को तेरी दुआ कह जाता है कोई अपनी हर सफलता में ख़ुद की दुहाई देता है …… यूई
तेरा सजदा – 104 कोई ग़ुरबत के वक्त को तेरी रज़ा मान हाथ जोड़ जाता है कोई दौलत की माया में ख़ुद के गुणगान गाता रह जाता है …… यूई
तेरा सजदा – 103 कोई तुझे पाने के इंतज़ार में ही मस्त रह्ता है कोई ख़ुद की चाहों को पाने में ही खोया रह्ता है …… यूई
तेरा सजदा – 102 कोई तेरी जूठन को भी चूम कर अपनाता है कोई तेरे प्रशाद में भी स्वाद ढूंढ़ ना पाता है …… यूई
तेरा सजदा – 101 कोई बिना ख्वाहिश के आजन्म तुझ्से मिलते रह्ता है कोई बिना ख्वाहिश के कभी याद भी ना तुझे करता है […]
तेरा सजदा – 100 कोई बंद आँख कर तेरे मन में उतर जाता है कोई खुली आँखों से भी तुझे ना जान पाता है …… यूई
तेरा सजदा – 99 कोई तेरे सामने कुछ भी ना बोल पाता है कोई तेरे सामने इच्छाओं का पिटारा खोल जाता है …… यूई
तेरा सजदा – 98 कोई आँख खुलते ही तुझको सामने पाता है कोई आँख खुलते ही पहले ख़ुद को धियाता है …… यूई
तेरा सजदा – 97 कोई ख़ुद में भी तुमसे ही मिलता है कोई सब में भी ख़ुद से ही मिलता है …… यूई
तेरा सजदा – 96 कोई हर वक्त में बस तेरा ही रह्ता है कोई हर वक्त में बस ख़ुद का ही रहता है …… यूई
तेरा सजदा – 95 किसी का तुझसे मिलके जीना हो जाता है किसी का बस ख़ुद में ही जीना रह्ता है …… यूई
तेरा सजदा – 94 कोई मैं से तूं हो गया है कोई तूं को मैं कर रहा है …… यूई
तेरा सजदा – 93 कोई हर पल तुममें सिमटा रह्ता है कोई हर पल ख़ुद में सिमटा रह्ता है …… यूई
तेरा सजदा – 92 कोई अपनी दुआओं का असर तुमपे जमा गया है कोई अपनी दुआओं की खाली पोली खोल गया है …… यूई
तेरा सजदा – 91 कोई तुमसे मिल कर थम गया है कोई तुमसे मिल कर चल गया है …… यूई
तेरा सजदा – 90 कोई औरन के दर्द को हरता रह्ता कोई औरन को दर्द में डालता रहता …… यूई
तेरा सजदा – 89 कोई तेरे मन की ख़ुशियों में ही खुश रह्ता कोई ता उमर ख़ुद की ख़ुशियाँ लोच्ता रह्ता …… यूई
तेरा सजदा – 88 कोई तेरे नूरानी नूर में रौशन रह्ता कोई दुनियावी नूर में खोया रह्ता …… यूई
तेरा सजदा – 87 कोई तेरे इशक की इबादत में नाच्ता रह्ता कोई वासना की झमेलों में बंधा मरता रह्ता …… यूई
तेरा सजदा – 86 कोई तेरी बँदगी मैँ झुका हुआ रह्ता कोई ख़ुद की बँदगी में खोया रह्ता …… यूई
तेरा सजदा – 85 कोई सबको यहा ख़ुद सा ही पाता कोई किसी को यहा ख़ुद सा ना पाता …… यूई
तेरा सजदा – 84 कोई तेरी पहचान यहां ख़ुद बन जाता कोई ख़ुद की पहचान भी ना बना पाता …… यूई
तेरा सजदा – 83 कोई सब में कोई फर्क ना ढूंढ़ पाता कोई ख़ुद सा कोई को ना ढूंढ़ पाता …… यूई
तेरा सजदा – 82 कोई सब में तुझको देख् पाता कोई ख़ुद मेे ही ना तुझे देख् पाता …… यूई
तेरा सजदा – 81 कोई पल पल तेरी पहचान बनता कोई ख़ुद की भी पहचान गँवा जाता …… यूई
तेरा सजदा – 80 कोई ख़ुद को तेरे अन्दर समा जाता कोई ख़ुद के अन्दर ही उलझा रह्ता …… यूई
तेरा सजदा – 79 कोई तुझको ख़ुद पे नाज़ करा जाता कोई ख़ुद को ही दागदार करा जाता …… यूई
तेरा सजदा – 78 कोई इस जीवन से ईमान बना कर जाता कोई इस जीवन से ईमान गिरा कर जाता […]
तेरा सजदा – 77 कोई तेरे सामने आ तुझसे नज़रे मिलाता कोई तेरे सामने आ तुझसे नज़रे चुराता …… यूई
तेरा सजदा – 76 कोई तेरे पास सर उठा कर आता कोई तेरे पास सर झुका कर आता …… यूई
तेरा सजदा – 75 कोई गहन मुश्किलों में ईमान ना गिराता कोई रंगीनियों में डूब जीवन बिताता …… यूई
तेरा सजदा – 74 कोई अपनी रूह को तुझमें समाता कोई अपनी रूह को दागदार कर जाता ….. यूई
तेरा सजदा – 73 कोई किसी का दिल ना दुखाता कोई सबको खून के आँसू रुलाता ….. यूई
तेरा सजदा – 72 कोई जीवन से तुझे कमा जाता कोई जीवन को यूँ ही गँवा जाता ….. यूई
तेरा सजदा – 71 कोई तेरे मन की रज़ा को समझ जाता कोई ख़ुद के मन को भी जान ना पाता ….. यूई
तेरा सजदा – 70 कोई प्यार पर दुनीया का विश्वास बड़ा जाता कोई प्यार को हर दिल से मार मुकाता ….. यूई
तेरा सजदा – 69 कोई तेरी हर शय से प्यार निभाता कोई तेरी हर शय को मार मुकाता ….. यूई
तेरा सजदा – 68 कोई जीवन भर तेरी दुनिया को सज़ाता कोई जीवन भर उसको विकृत करता ….. यूई
तेरा सजदा – 67 कोई पल पल तेरे नाम से डरता कोई तेरे नाम से लोगो को डराता ….. यूई
तेरा सजदा – 66 कोई हर पल तेरे सरुर में रह्ता कोई हर पल ख़ुद के ग़रूर में रेह्ता ….. यूई
तेरा सजदा – 65 कोई खुद की खुशियाँ है चाहता कोई अपनी ख़ुशियाँ लुटाना है चाहता ….. यूई
तेरा सजदा – 64 कोई तुझसे मुश्किलों के हल है चाहता कोई तुझसे खुशियों के फल है चाहता ….. यूई
तेरा सजदा – 63 कोई खुद के लिए उपहार है चाहता कोई दूसरों पर न्योछावर कर जाता ….. यूई
तेरा सजदा – 62 कोई खुद के लिए तेरा प्यार है चाहता कोई सबके लिए तेरा प्यार है चाहता ….. यूई
तेरा सजदा – 61 कोई तेरी अनुकंपा है चाहता कोई दूसरों पर दया है लूटाता ….. यूई
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.