Hindi-Urdu Poetry

आधुनिक नारी

सशक्त है कमजोर नहीं, पत्थर है केवल मोम नहीं। विद्वती है बुद्धि हीन नहीं , बेड़ियों में अब वो जकड़ी नहीं। आधुनिक है ,संकीर्ण नहीं, संस्कृति संस्कारों से हीन नहीं। हक पाना लड़ना जानती हैं दिल की आवाज़ पहचानती है। गुमराह करना आसान नहीं, वह स्त्री है सामान नहीं। शक्ति स्वरूपा , वो तेजोंमयी, ममता मयी मगर दुखियारी नहीं। सृष्टि का भार उठाए खड़ी , आंखों में पहले सा पानी नहीं। हर क्षेत्र में अब वो आगे हैं ... »

मातृभाषा

*** पतित पावनी हरित धरा पर जिस दिन से आँखें खोली हैं। कानों में शहद घोलती सी ये अपनी मातृभाषा की बोली है।। बचपन में वो अध्यापक जी जब श्याम पटल पर लिखते थे। कुछ लम्बे पतले गोल मोल कितने अनजाने अक्षर दिखते थे।। निज माता-पिता, बंधु भ्राता मिल राह सभी ने दिखलाई। शैशव की बातों के दम पर हमने जीवन की बाज़ी खेली है।। खो चुके हैं अब तक समय व्यर्थ, दो जीवन को अब नया अर्थ। निज भाषा का सम्मान करो ये प्रगति पथ... »

मेरा अभिमान हिन्दी

मेरा अभिमान हिन्दी

सख्सियत को अपने टटोल रहें अंग्रेजी में हिंदी का गुणगान करते छिप कर बैठे है ए बी सी डी में अपने मासूम परिंदों को हिंदी का ज्ञान दो सर्वश्रेष्ठ भाषा का वाणी पर मृदु भाष दो हाय हैलो का नकेल कसकर चरण स्पर्श का संस्कार दो जूझ रही है हिन्दी दबकर अंग्रेजी के गलीयारें में एक्का दुक्का संभाल रखे है कमान हिन्दी की पहचान का गीता रामायण महाभारत ग्रंथ सभी है विलुप्त के कागार पर अंग्रेजी शिक्षा से बढ़ रहा है हि... »

हिंदी की व्यथा

“हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ” क्या सुनाऊँ मैं, हिंदी की व्यथा। वर्तमान सत्य है, नहीं कोई कथा। आजकल के बच्चे A B C D… तो फर्राटे से हाँकते हैं। ‘ककहरा’ पूछ लो तो बंगले झाँकते हैं। आजकल के बच्चे वन, टू, थ्री… तो एक लय में बोलते हैं। ‘उन्यासी’ बोल दो तो मुँह ताकते हैं। आजकल के बच्चे अंग्रेजी शब्दों में ‘Silent’ अक्षर भी लिख जाते हैं। हि... »

मेरी हिंदी

दिल से दिल तक अपना रस्ता बना लेती है, ये हिंदी ही हम सबको अपना बना लेती है।। हो जाए गर नाराज़गी तो मस्का लगा देती है, साथी हो या मांझी सबको रस्ता बता देती है, पढ़े लिखे और अनपढ़ का फर्क दिखा देती है, भारत माँ का परचम ऊँचा चस्पा करा देती है।। राही अंजाना »

नाज़ करे

ऐसी हो जिंदगी जिस पर नाज़ करे। खुदा तुम्हें, मेरी भी उम्र दराज़ करें। हर राह रौशन, काँटों से महफूज़ दामन, इतनी खुशियाँ बख्शे गम ना आज करें। »

Jane kaha ja rahi aj ki pidhi

सभी मित्रों को हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ जाने कहां जा रही आज की पीढ़ी, नए नए ढंग है इनके, नई नई सोच है इनकी, नया जमाना अब है इनका, साड़ी सलवार पुरानी हो चुकी लड़कियों को, चुड़िया दुपट्टा पुरानी हो चुकी लड़कियों को, ऊंची हील की सैंडल है भाता इनको, पैजामा कुर्ता पुराना हो चुका लड़कों को, धोती कुर्ता न भाता इनको, विदेशी हो गई है सोच इनकी , विदेशी हो गया है पहनावा इनका , छोटे कपड़े हो गए हैं इ... »

पहले से ज्यादा

जिन्हें चाहते थे खुद से भी ज्यादा न निभा सके वो अपना वादा तन्हा जब छोड़ दिया जमाने ने हमको हम खुद के करीब हो गए पहले से ज्यादा »

Hindi divas

राष्ट्रभाषा हिंदी —————– है शान मेरी, पहचान मेरी , देवो के स्वर सी, ज्ञानमयी। हम जन्मे है इस भूमि पर , जहां देवनागरी बोली है। कई भाषाओं की हमजोली है। जग में देती है मान हमें , हिंदी भाषी सम्मान हमें । कहला देती इस दुनिया में, भारत माता के लाल हमें। अपनी भाषा पर गर्व हमें, बसता जिसमें संगीत मधुर , साजो की बजती धुन सी है । घुंघरू की छनक सी मोहक है, माथे पर शोभित ब... »

जीवन चक्र

क्या है जीवन !! सोचो तो उलझ सी जाती हूं । जितना सुलझाना चाहती हूं , ओर -छोर नहीं पा पाती हूं। बालक का जन्म, घर में रौनक, घर किलकारियों से गूंज मान। नटखट सी शरारते, क्या यही है जीने का सुख?? बालक हुआ किशोर, मन जानने को बेताब,बेकल। हर चीज में है उत्सुकता संसार जानने का मन । किशोर से युवा हुए उल्लास से भरा ये मन, हर मुश्किल से मुश्किल को जीत ही लेने की लगन। युवा से अधेड़ हुए जीवन है चुनौतियों भरा , क... »

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