Hindi-Urdu Poetry

Kitni pyari hai ye dharti

कितनी प्यारी है ये धरती, ऊपर अंबर ये नीले नीले, नीचे हरियाली ये धरती, ऊपर सूरज चंदा ये तारे, नीचे जीव जंतु ये सारे, ऊंचे पहाड़ ये प्यारे-प्यारे, नीचे नदियां खाई ये गहरे, ऊपर बादल ये काले काले, नीचे ठंढे झील ये झडने, इतने सुंदर ये बाग बगीचे, छोटे बच्चे ये प्यारे प्यारे, प्यारी प्यारी यै ठंढी हवाएं, प्यारे- प्यारे ये बारिश के झोंके | »

एक बूंद मुस्कराहट

तुमे शायद पता नहीं, एक दिन चुपके से मैने, चुरा ली थी तुमारे होठों से, एक बूंद मुस्कराहट। कई दिन छुपा के रखता रहा, कभी तकीये के नीचे, तो कभी चांद के पीछे, बहुत चंचल थी वो, कभी चुपके से आ के, बैठ जाती थी मेरे होठों पे, तो कभी चांद के पीछे से मुझे ताकती थी, वो एक बूंद मुस्कराहट। मैं सींचने लगा उस बूंद को, अपनी मुस्कराहट से, ताकी यह बन जाऐ हंसी का एक चश्मा, फिर एक दिन, तुम खो गई, और खो गई मुझसे, वो एक... »

बरसात

ये कहानी कुछ यूँ तय्यार हों गयीं की एक शख़्सियत बस उनपर फ़िदा हों गयीं ..! बस देखने से ही शूरवात हों गयीं फिर तो फिर आँखोवाली मुलाक़ात हों गयीं ..! दिन में भी मेरी रात हों गयीं फिर वो मेरा खाब हों गयीं ..! खाब को करने सच्चाई मेरी भी शूरवात हो गयीं और बस उसी दिन बरसात हों गयीं ..!😊 »

मैं जीत कर हार गया

मैं जीत कर भी हार गया तेरा लाल दुनियाँ से दूर गया »

Kanha tu hi ho hamare palanhare

कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…. तू ही तो हमारे सहारे, तुम आ जाओ फिर एक बार ओ मुरली वाले, तेरी मुरली की धुन सुने हम भी ओ बंसी वाले , कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे…… मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे ओ यशोदा के दुलारे, हम भी तो देखें ये नजारे, कान्हा तू ही हो हमारे पालनहारे……. माखन चोर तुझे नाम मिला ओ मुरली वाले, फिर एक बार तू माखन चुराओ ओ बंसी वाले, कान्हा तू ही हो हमारे पा... »

पाक़ दिल

लफ़्ज़ बिकते हैं इमान बिकते हैं जब बिकने पर आये तो क्या-क्या बिकते हैं ज़माने में__ एक पाक़ दिल पिन्हां सा हैं जो दुनिया की किसी दौलत से ना पिघलता हैं ना बिकता हैं गालिबन मैं मालामाल हूँ उस दौलत से__ -PRAGYA- »

मजबूर दिल

उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले अपनी झूठी नज़रों से हम पर क़रम ज़रूर करना_ कहीं नज़रें झुक गई फिर दिल में हमारी तमन्ना भूल कर भी मत करना_ -PRAGYA »

नाराज़गी

उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले अपनी झूठी नज़रों से हम पर क़रम ज़रूर करना_ कहीं नज़रें झुक गई फिर दिल में हमारी तमन्ना भूल कर भी मत करना_ -PRAGYA »

बेवफ़ाई

उसकी बेवफ़ाई पर हंसी आती हैं तो तरस भी__ अभी अन्जान हैं वो मोहब्बत से..दिवाना कुछ इस कदर हैं समझ लेता हैं वो हर पत्थर को कोहिनूर भी__ कभी मुलाक़ात ज़रूर होगी इज़हार-ए-मोहब्बत करने वाले अपनी झूठी नज़रों से हम पर क़रम ज़रूर करना_ कहीं नज़रें झुक गई फिर दिल में हमारी तमन्ना भूल कर भी मत करना_ -PRAGYA »

एहसास-ए-ज़िदगी

ऐसा कोई लम्हा नहीं गुज़रता जब सांसों से मेरी उसकी यादें ना गुज़रती हो__ ये बात और हैं एहसासों से मेरे वो अंजान हैं मगर हालात-ए-जिस्त ये हैं की वही ज़िन्दगी हैं मेरी वही अरमान हैं- -PRAGYA- »

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