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  1. मैं खूद के सवालों के कठघड़े में सदा खड़ा रहता हूँ
    औरों की नजरों में, मैं क्या हूँ, ये औरों का सवाल है,
    मेरा नहीं, मैं क्या हूँ, ये सिर्फ व सिर्फ मैं जानता हूँ ।।
    —- आदर्शात्मक स्थिति की बहुत सुंदर काव्य रचना। सुन्दर युवा सोच।

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