ओ श्यामरे कहां छुपे हो मोरे श्यामरे,
तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे,
मेरे मन मंदिर में तू ही तू बसा मोरे श्यामरे,
मोहिनी सूरत लट घुघराले तेरे श्यामरे,
उस पर से यह मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे मोरे श्याम रे,
अधर पर मुरली शोभे तेरे श्यामरे,
और यह पितांबर बड़ा ही प्यारा लागे मोरे श्याम रे,
तेरी मुरली की धुन सुन राधा नाची मीरा नाची,
मैं भी तो नाचू मोरे श्यामरे,
ओ श्याम रे कहां छुपे हो मोरे श्याम रे,
तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे |
Kaha chupe ho mere syamre
Comments
3 responses to “Kaha chupe ho mere syamre”
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Nice
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Thanks
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वाह जी वाह क्या बात है
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