Kaha chupe ho mere syamre

ओ श्यामरे कहां छुपे हो मोरे श्यामरे,
तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे,
मेरे मन मंदिर में तू ही तू बसा मोरे श्यामरे,
मोहिनी सूरत लट घुघराले तेरे श्यामरे,
उस पर से यह मोर मुकुट बड़ा प्यारा लागे मोरे श्याम रे,
अधर पर मुरली शोभे तेरे श्यामरे,
और यह पितांबर बड़ा ही प्यारा लागे मोरे श्याम रे,
तेरी मुरली की धुन सुन राधा नाची मीरा नाची,
मैं भी तो नाचू मोरे श्यामरे,
ओ श्याम रे कहां छुपे हो मोरे श्याम रे,
तेरे दरस को अखियां तरस गई मोरे श्यामरे |

Previous Poem
Next Poem

लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

3 Comments

  1. NIMISHA SINGHAL - August 27, 2019, 1:27 pm

    Nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 8, 2019, 10:32 am

    वाह जी वाह क्या बात है

Leave a Reply