Kahani

कहानी


 

जो रक्त न दे सको, तो यह जवानी दे दो…

और वह भी तुमको प्यारी हो, तो ज़ुबान ही दे दो…

दलदल मैं फसा यह देश,

है सहारे की ज़रुरत,

ज़रा हाथ लगा कर नवयुग को,

प्रेरित करती कहानी दे दो…।

 

– पीयूष निर्वाण

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3 Comments

  1. देव कुमार - June 9, 2016, 11:24 am

    nice

  2. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 11, 2019, 10:52 pm

    वाह बहुत सुंदर

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