Maatam Manaiye

दिल के टूटने का भी, क्या मातम मनाइए
किस को है सारोकार, ज़रा कम मनाइए

वो फिर किसी के दिल को, शीशे सा तोड़ेंगे
उस बदनसीब का अभी से गम मनाइए

Comments

5 responses to “Maatam Manaiye”

    1. BFM

      Meharbani 🙂

    1. BFM

      Ji, Shukriya 🙂

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