Mausam

ये ठण्ड है कि बरसात कुछ समझ नही आता,
कि मौसम ले रहा है रोज इतनी अंगडाईयां।
खुश है कि रूठा हुआ है किसी से,
इसकी अदाओ को कोई क्यो समझ न पाता?

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