Ashutosh Upadhye

  • ਸਮਾਂ ਬਦਲ ਰਿਹਾ ਹੈਂ, ਲੋਕ ਬਦਲ ਰਹੇ ਨੇ।

    ਸੱਚ ਆਖਾ, ਸਭ ਦੇ ਸੌਂਕ ਬਦਲ ਰਹੇ ਨੇ।

    ਚੰਦ, ਸੂਰਜ ਤਾਂ ਓਹੀ ਜਾਪਦੇ

    ਬਸ ਮਨੁੱਖ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਨੇ।

    ਧਰਮ ਤਾਂ ਬਸ ਦਿਖਾਵਾ ਲਗਦਾ

    ਅੱਜ ਧਰਮੀ ਲੋਕ ਹੀ ਬਦਲ ਗਏ ਨੇ।

  • Vipul and Profile picture of NitikaNitika are now friends 1 year, 9 months ago

  • Sukhbir Singh‘s profile was updated 2 years, 1 month ago

  • जमाने बीत गए जिनको भुलाये हुए
    आजफिर हैं क्यो याद वही आये हुए

    कितने बेरुखी से तोड़े थे वो दिल को
    दिल के टूकड़ो को हैं हम सम्भाले हुए
    स […]

  • यूँ ही रोशनी नही होती,

    मोम को जलना पड़ता है

    यूँ ही चाहत नही मिलती

    इश्क़ की हद से गुज़रना पड़ता है

    “विपुल कुमार मिश्र”

     

  • आंखों की यह पलकें झपका के तो दिखा
    सच बताऊ यह भी ना कर पाएगा।

    उस परमात्मा के कारण ही तेरा वजूद है
    उसके बिना, मिट्टी में मिल जाएगा।

    यह पैसा, यह शरीर सब नाशवान हैं
    कुछ भी साथ ना जाएगा।

    मरने के बाद भी, कुछ लोगो की […]

  • Sukhbir Singh changed their profile picture 2 years, 2 months ago

  • अक्सर खुशी का रिश्ता ग़म से होता है

    इसीलिए हँसी में भी आँख नम होता है

     

    मेरे हाल पर हँसने वालों ज़रा गौर करो

    वक़्त ही तो है हरदम बदल रहा होता है

    सुना है दर्द हद से गुज़रे तो लफ्ज़ होता है

    तो लिखो किताब यहां पू […]

  • कुछ ख्वाब जिन्दगी में
    हमेशा अधूरे रह जाते हैं।

    अरे दूसरों को क्या समझाऊ मैं,
    अपने ही समझ नहीं पाते हैं।

    अरे हमसे भी तो पूछ कर देखो,
    हम क्या चाहते हैं।

    “सुखबीर” जो अपने विचार प्रगट नहीं करते,
    वह जीते ही, मर जाते हैं।

  • तू तो नही पर तेरी कहानी याद आयी

    सबको भूले पर तेरी जफ़ा याद आयी

    तेरे लिक्खे सब ख़तों को जला दिए

    पर तुझपे लिखी वो ग़ज़ल याद आयी

    “विपुल कुमार मिश्र”

    #VIP~

  • गुमशुम,मदहोश,खामोश कहाँ रहते हो

    वो क्या कहते है,हाँ मोहब्बत में रहते हो

    वो सुर्ख होंठ,क़ातिल नज़र बला की अदा

    एक दीद में क़त्ल का सामान रखते हो

    “विपुल कुमार मिश्र”

    #VIP~

  • वो लोग भी एक खास ही जगह रखते है

    जो वक़्त पर मेरे सामने आईना रखते है

     

    कोई क्या लगाएगा मेरे वफ़ा का अंदाज़ा

    हम तो दिल भी किसी के पास रखते है

     

    गर देखना हो कभी अश्क़ों की सुनामी तो

    दरिया क्या हम […]

  • आज भी मुझमे कही तुम रहते हो

    मै तो अनपढ़ हूँ, तुम लिखते रहते हो

    धड़कनो के सुर पे जब साज़ लगते है

    मै तो खामोश होता हू तुम गाते रहते हो

    #VIP~

  • इश्क़ का मज़ा तो सिर्फ बिछड़ने से आये

    वो आशिक़ी ही क्या जिसमे शादी हो जाये

    ‘विपुल कुमार मिश्र

  • चलो दर्द में भी मुस्कुराते हैं

    यादो के साथ टकराते है

    तुम आओ तो सही

    मिलकर दर्द को आंख दिखाते है

    #VIP~

  • अक्सर हंसी का रिश्ता ग़म से होता है

    इसीलिए खुशी में भी आँख नम होता है

    #VIP~

  • तेरे दुआओं में असर देखना है
    अब तो ज़हर पी के देखना है
    तन्हाई में बहुत बसर कर लिए
    अब तो महफिलों में तन्हा देखना है
    कहते थे कि मर जायेंगे भूलकर तुम्हें
    अब तो बस उन्हें मरते हुए देखना है
    ये स्याह रात,जाम और उनकी […]

  • ग़म को आराम नही होना चाहिए
    अब तुम्हें हार ऐलान करना चाहिए
    अपने साये को खुद पत्थर मारेंगें
    शर्त है कि दोस्त खुश होने चाहिए
    दिल,वो भी खाली क्या बात करते है
    इश्क़ न हो,दुश्मनी जरूर होनी चाहिए
    ये दुनिया वाले भी […]

  • ख़्वाहिश है कि कोई ख़्वाहिश न रहे
    लौट आओ की अब हम – हम न रहे
    #VIP~

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