वापस फिर आओगी क्या?

February 3, 2018 in ग़ज़ल

जब एक दिन तुम बिना बताये
दूर कही मुझसे चली जाओगी
वापस फिर से आओगी क्या
वापस फिर से आओगी क्या

मैं नाराज था तुमसे उस पल
मुझे मनाने वाला कोई नही था
अब फिर से मुझे मनाने के लिए
वापस फिर से आओगी क्या

तुम अक्सर कहती थी मुझे
कि ये सिगरेट छोड़ दो तुम
क्या अब तुम इस सिगरेट को
मेरे हाथ से छिन कर फेकने के लिए
वापस फिर से आओगी क्या

वो बात जो अधूरी थी तुम्हारी
जिसका इंतज़ार मैंने किया था
उसका जवाब अब दे पाओगी क्या
वापस फिर से आओगी क्या
आओगी क्या..?