तेरे बिन गुजारा नहीं
July 31, 2020 in ग़ज़ल
रोज मिलने के वादे तोड़ते हो जो तुम
बात तेरी ये मुझको गवारा नहीं।
बात ही बात पे रूठते हो जो तुम
जानते हो तेरे बिन गुजारा नहीं।
रोज अपनी गली देखते हो मुझे
आशिक हूँ तेरा पर आवारा नहीं।
थोड़ा नजरें इनायत फरमाओ तुम
गैर नजरों के खातिर सँवारा नहीं।
मेरी एकलौती चाहत अरमान तुम
डोले हर फूल “राजू” वो भंवरा नहीं।।
~राजू पाण्डेय
बगोटी (चम्पावत)