मेरे ख्वाबों में तुम रोज चले आते हो ,
ख्वाब टूटते ही तुम दूर चले जाते हो,
जिंदगी बेजान न हुई होती इतनी ,
छोड़कर अगर तुम न जाते मुझको,
तेरी तस्वीर इन आंखों में उतार बैठे हैं,
ऐसा लगता है तुम्हें मीत बना बैठे हैं ,
तेरे बिना जीना मुझे गवारा ही नहीं,
मैं तेरी हूं तेरी ही रहूंगी तूने यह जाना ही नहीं,
यह तन्हाई मुझे जीने भी देंगी नहीं,
चले आओ क्यों रूठे हो मेरे भोले सनम….
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