mohobat

Mohobat mai unki aisa alam tha

Na din ka pta na rat ka dhikana tha×2

Chur the hum unki yado mai

Or lafjo per unka hiii afsana tha

Ger bna kr ek pal mai chodh gyi

Is masom dil KO tode gyi

Ye kissa hiii bewafao ka Purana that

By RLvgahlot

 

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2 Comments

  1. Ritika bansal - August 6, 2016, 11:12 pm

    bahut khoob

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