Tum chupe ho kaha

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहा…..
बिना तेरे जीवन मेरा अधूरा यहां,
तेरी यादों का दीपक मैं जलाऊं यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहां ,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां…..
तेरी ख्वाबों का रंग महल मै सजाऊ यहां,
तेरी बातों की चिलमन गूंजे हरदम यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहां,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां……
तेरे बिना मैं अधूरी जीऊ कैसे मैं यहां,
मांगी दुआ मिली सजा तुझे बताऊ कैसे,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहा ,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां…..
तेरे बिना घर आंगन सुना है यहा,
तुम एक बार झलक दिखला जाओ तो यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहा |

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