Tum chupe ho kaha

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहा…..
बिना तेरे जीवन मेरा अधूरा यहां,
तेरी यादों का दीपक मैं जलाऊं यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहां ,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां…..
तेरी ख्वाबों का रंग महल मै सजाऊ यहां,
तेरी बातों की चिलमन गूंजे हरदम यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहां,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां……
तेरे बिना मैं अधूरी जीऊ कैसे मैं यहां,
मांगी दुआ मिली सजा तुझे बताऊ कैसे,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहा ,

तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहां…..
तेरे बिना घर आंगन सुना है यहा,
तुम एक बार झलक दिखला जाओ तो यहां ,
आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहा |

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12 Comments

  1. राही अंजाना - September 12, 2019, 2:31 pm

    वह

  2. देवेश साखरे 'देव' - September 12, 2019, 3:28 pm

    बहुत सुंदर

  3. महेश गुप्ता जौनपुरी - September 12, 2019, 7:24 pm

    वाह बहुत सुंदर

  4. Poonam singh - September 12, 2019, 9:26 pm

    Thanks

  5. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:59 pm

    Bahoot badiya h g

  6. राम नरेशपुरवाला - September 12, 2019, 10:59 pm

    All the best

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