दिल में उम्मीदों का दीपक जलाकर,
कर रही हूं मैं तेरा इंतजार,
घडी इंतजार की लंबी हो रही है,
अब चले भी आओ मेरी जान जा रही है,
ओ चांदनी न जाना तुम,
जब तक आ जाए न मेरा सनम,
फीकी है चंदा की चांदनी,
तेरे बगैर ओ सनम,
तू नहीं तो कुछ भी नहीं,
तू ही मेरा दिलबर ओ सनम,
तू नहीं तो कुछ भी नहीं,
ये तारे नजारे हैं बेकार,
लो अब आ ही गए तुम,
खुशियों की बगिया खिल गई,
उम्मीदों की कलियां खिल गई |
Ummiden
Comments
13 responses to “Ummiden”
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Nice
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Thanks
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Nice
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Thanks
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Wah
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Thanks
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वाह
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Thanks
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Nice
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Nice
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सुन्दर
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