अपराधै का बाटा: कुमाऊँनी कविता

अपराधै का बाटा
जिन हिट्या नंतिनौ,
अपराधै को बाटो
बर्बाद करि दे लो।
गरीबै का छोरा
गैंगों में जिन घुस्या,
गैंगों में फँसि बेर
वापसी नै हुनी।
जिन फंस्या, जिन फंस्या
जन फंस्या नंतिनौ,
अपराधै का जाल
जन फंस्या नंतिनौ।
कमि खाया गमि खाया
मिहनत करि लिया।
मिहनतै कमाई,
कमाई भै इज़ा।
मिहनतै की रोटी
कमाया नंतिनौ
अपराधै का बाटा
जिन हिट्या नंतिनौ।
पोरै की छ बात
उस ठुलो अपराधी
मारि बै गिराछ
कि रै छ बात।
जत्ती लै छ्या वीका
पछेट नंतीनौं,
सब्बौ का बिहाल
हैग्यान नंतिनौ।
आई ल गै यो बात
सुनि लिया नंतिनौ
अपराधै का बाटा,
जन हिट्या नंतिनौ।

—- डॉ0 सतीश पाण्डेय, चम्पावत, उत्तराखंड

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Responses

    1. गरीबै का छोरा
      गैंगों में जिन घुस्या,
      गैंगों में फँसि बेर
      वापसी नै हुनी।
      युवाओं – बच्चों का आह्वान किया गया है कि आप अपराध की दुनियां के गैंगों में मत शामिल होना, गैंगों से बहार निकलना फिर मुश्किल हो जाता है,

  1. कृपया कुमाउनी का थोड़ा भावार्थ भी समझा देंगें तो कृपा होगी

  2. अपराधै का बाटा
    जिन हिट्या नंतिनौ
    का शाब्दिक अर्थ है कि – युवाओं और बच्चों आप अपराध के मार्ग पर अपने कदम मत बढ़ाना,
    अपराधै को बाटो
    बर्बाद करि दे लो।
    —– अपराध का रास्ता जिंदगी को बर्बाद कर देता है,

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