अब पछताए होत क्या (कोरोना)

कोरोना से न करना यारी।
यह है जान लेवा बिमारी।।
कितने को डसा ए काला नाग।
आज पर गया हम सब पे भारी।।
क्यों सो चूके थे हम और तुम।
चुपके से कोरोना का वार था करारी।।
अच्छा होता काश!! हम संभल जाते।
शायद ही देखने को मिलता ए महामारी।।


लगातार अपडेट रहने के लिए सावन से फ़ेसबुक, ट्विटर, इन्स्टाग्राम, पिन्टरेस्ट पर जुड़े| 

यदि आपको सावन पर किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो हमें हमारे फ़ेसबुक पेज पर सूचित करें|

5 Comments

  1. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - May 11, 2020, 6:01 pm

    Nice

  2. Pragya Shukla - May 11, 2020, 6:07 pm

    Good

  3. Kanchan Dwivedi - May 11, 2020, 9:49 pm

    👌

  4. Abhishek kumar - May 12, 2020, 9:40 am

    Nice

Leave a Reply