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कूटनीति

कूटनीति… राजनीति वट वृक्छ दबा है घात क़ुरीति की झाड़ी मे धूप-पुनीति को अम्बु-सुनीति को तरसे आँगन-बाड़ी ये कूटनीति सा कोई चोचला मध्य हमारे क्युं…

Responses

  1. प्रेमी बनना ही आनंद प्राप्त करना है। ज्ञान में टकराव है, खूबसूरत और सच्ची पंक्तियाँ

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