आंगन के पाथर

पैर जैसे ही पड़े आंगन में बरसों बाद
एक एक पाथर मचल उठा, सुबक पड़ा
उसके आने के अहसास से
ये तो वही पैर थे जो बरसों पहले
बच्पन में दिनभर धमाचौकड़ी करते थे
आंगन के इन पाथरो पर
और कभी कमेड या छोटे पत्थर से
लिखते इन पर अ आ इ ई, १ २ ३ ४
कभी पिठ्ठू, कंचे, गिल्ली डण्डा खेलते
कभी बैट बॉल घुमाते थे इसी आंगन में
कभी ईजा के साथ लीपने में लग जाते
गाय के गोबर से नन्हे हाथों से
तुरन्त उखाड़ फेकते थे
कहीं भी घास उग आये आंगन में
एक तरफ़ सूखते रहते थे अनाज और दालें
और एक कोने में बँधी होती थी दुधारू गाय
फिर अचानक बंद हो गयी पैरों की चहलकदमी
और अकेले रह गए
बंद मोल के साथ आंगन के पाथर
धीरे धीरे उगने लगी घास और
हावी हो गयी कटीली झाड़ियां
दरवाजे में लगे संगल ने भी निराश हो
छोड़ दिया था दरवाजे का साथ
दीमक लगा दरवाजा खड़ा था किसी तरह
शायद उनके आने की प्रतीक्षा में
उसके पैरों के साथ कुछ और पैर थे
कुछ नये पैर थे तो कुछ पुराने
पाथर जो पैर पैर से वाकिफ थे
बैचेन हो गये उन पुराने पैरों को ना पाकर
जो अचानक गायब हुये थे इन्हीं पैरों के साथ
शायद वो फिर लौट कर ना आये
पाथर खुद को संभालते बुदबुदाये
लौटकर आने वालों में कुछ नन्हें पैर भी तो है
शायद फिर से लौट आये वो पुरानी रौनक
और फिर शुरू हो जायें इस आंगन में
पिठ्ठू, कंचे, गिल्ली डण्डा, बैट बॉल के खेल
फिर सजाने लगे हम पाथरों को
लिखकर अ आ इ ई, १ २ ३ ४


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21 Comments

  1. Rakhi Gupta - July 7, 2020, 10:04 pm

    nice

  2. Sulekha yadav - July 7, 2020, 10:06 pm

    nice poetry

  3. Vijay Singh - July 7, 2020, 10:20 pm

    nice

  4. Satish Pandey - July 7, 2020, 10:42 pm

    बहुत खूब

  5. Pt, vinay shastri 'vinaychand' - July 8, 2020, 6:56 am

    Nice poetry

  6. Alok Kumar - July 8, 2020, 1:52 pm

    बहुत खूब

  7. Anshita Sahu - July 8, 2020, 2:00 pm

    nice

  8. Abhishek kumar - July 10, 2020, 9:27 pm

    वर्तनी का ध्यान रखकर लिखें

    • Raju Pandey - July 11, 2020, 11:05 am

      उदाहरण बताइयेगा महोदय

      • Raju Pandey - July 11, 2020, 2:18 pm

        अहसास और एहसास
        बच्पन और बचपन दोनों ही प्रचलन में है सर
        आपके सुझाव के लिए आभार

      • Abhishek kumar - July 31, 2020, 1:54 am

        एहसास बचपन यही शुद्ध वर्तनी है लिखने को तो आदमी ग्रेट को g8 लिख देता है

  9. Geeta kumari - August 7, 2020, 8:33 pm

    बहुत सुंदर रचना

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