आओ ताली बजाते हैं!

आओ थाली बजाते हैं!
गरीबी का मुंह दिखाने वाली,
बेरोजगारी के लिए ,
आओ ताली बजाते हैं!

देश की कमर तोड़ने वाली
मरी हुई अर्थव्यवस्था के लिए,
आओ थाली बजाते हैं!

झूठ को सच बनाने वाली
दलाल मीडिया के लिए ,
आओ ताली बजाते हैं!

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Responses

  1. झूठ को सच बनाने वाली
    दलाल मीडिया के लिए
    आओ ताली बजाते हैं

    सच्चाई को आपके सामने ला दिया
    आपकी रचना को सलाम

  2. वर्तमान सरकार व मिडिया पर बहुत अच्छा तंज़ तथा सच्चाई को प्रकट करती हुई बहुत सुंदर रचना

  3. कम शब्दों में आपने बहुत कुछ कह दिया, सही अर्थों में आपकी कविता गागर में सागर है
    ‘आओ ताली बजाते हैं!’ बहुअर्थी प्रयोग है

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