आओ नव वर्ष मनायें

आओ नव वर्ष मनायें, झिलमिल झगमग देश बनाये,
कृतिम रौशनी की आभा से हट, शास्वत जिवंत दीप जलाये।
नव वर्ष आज सिर्फ शब्दों से नहीं, श्रद्धा भावना से मनाये,
सूर्य सा ज्योतिर्मय हो मेरा देश, हर मन राधा कृष्ण बनजाये।
धन कुबेर की सम्पन्नता सा, भरापूरा रहे हर घर परिवार,
निरोगी रहे हर तन मन और, अमृत से भरा रहे दिलों में प्यार।
हर वर्ष नव वर्ष मनाते, नव वर्ष पर, कुछ भी बदल नहीं पाते,
रटा रटाया एक ढरे सा, हर वर्ष ये अनुपम मीठा पर्व मनाते।
इस वर्ष से बदल के रख दे, सम्बन्धो के कई पैमाने,
ले संकल्प दीनदुखी हित, सबके जीवन में भर दे उजियारे।
एक सूर्य जब अपने दम पर, हर लेता अन्धकार जगत का,
हम सब मिलकर क्यों ना करले, सवर्ग से सुन्दर आँगन घर का।
नववर्ष की दुआऐं शुभ मंगल कामनाऐ तो सभी देते है
जेसे किताबो में रखे फूल खुशबू कम और ख्वाब बेसुमार देते है।
कुछ ऐसा करे फुलो में खुशबू और ख्वाब हकीकत में ढल जाये
खुश रहे सारा जंहा मेरा वतन सुख समृद्धि शक्ति से विश्वगुरु बन जाये।
बल बुद्धि विद्या अमन चैन संग सब मिल
प्रगतिपथ पर रहे अग्रसर
सूंदर सुरभित श्रेष्ठ बने हम अपने दम पर सब मिलजुल कर।
स्वरचित – सम्पत नागौरी “सौरभ

Comments

11 responses to “आओ नव वर्ष मनायें”

  1. Amod Kumar Ray Avatar
    Amod Kumar Ray

    सुन्दर।

  2. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    प्रशंसनीय

  3. Sampat Nagori Agarwal Avatar
    Sampat Nagori Agarwal

    Dhanywad 🙏🙏

  4. Nikhil Agrawal

    Nice

  5. उत्कृष्ट रचना

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