“आरती माँ भारती की”

माँ भारती तेरी आरती ।
तेरी आरती माँ भारती ।।

माँ भारती तेरे निगहबान सीमा प्रहरी हम
पाकर अजेय वरदान डटे हैं सीमाओं पर
इस कर्म-भूमि की माटी है मस्तक का टीका
है कसम मिटा देंगे सब कुछ तेरी आहों पर
माँ भारती तेरी आरती ।
तेरी आरती माँ भारती ।।

देकर अपना लहू सरहदों पर जो सबक बना है
देख तिरंगा गौरव-गाथा का सम्मान तना है
चरण-धूलि जननी तेरी है मलहम इन घावों पर
है कसम मिटा देंगे सब कुछ तेरी आहों पर
माँ भारती तेरी आरती ।
तेरी आरती माँ भारती ।।

रहें तेरी फुलवारी के हर फूल सदा मुस्काते
तेरी इस ममता भरी चाहत को हम शीश झुकाते
बस अमन-चैन ही गुज़रेंगे तेरी राहों पर
है कसम मिटा देंगे सब कुछ तेरी आहों पर
माँ भारती तेरी आरती ।
तेरी आरती माँ भारती ।।

हिन्द-धरा की रक्षा का संकल्प हो दृढ़ वर देना
जनम-जनम सीमा के सेवक हम हों हिन्द की सेना
मिले शुभम्-आशीष सफल हों आशाओं पर
है कसम मिटा देंगे सब कुछ तेरी आहों पर
माँ भारती तेरी आरती ।
तेरी आरती माँ भारती ।।

…अवदान शिवगढ़ी
१५/०८/२०१४
०४:०५ बजे, साँझ
मोहनलालगंज,लखनऊ ।


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1 Comment

  1. Udit jindal - August 6, 2016, 10:59 pm

    lajabaab ajeet ji

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