मैं अकेला ही ख़ुश हूँ, इन राहों में कोई साथ नहीं है
यह तनहा सी शब है, और हाथों में कोई हाथ नहीं है।
न कोई मंज़िल है अपनी, न कोई हमसफ़र मेरा
एक आवारा सा दिल है, और साँसों में कोई नाम नहीं है ।।
आवारा सा दिल
Comments
6 responses to “आवारा सा दिल”
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Nice
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thanks
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Thanks
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Nice
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वाह
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Nice
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